यादेँ
-
चांदनी चौक की गलियां “मीर तकी मीर” की याद में रौशन हुईं
ख़ुदा-ए-सुखन मोहम्मद तकी उर्फ मीर तकी “मीर” Memories। मीर को उर्दू के उस प्रचलन के लिए याद किया जाता है…
Read More » -
Parakram Diwas: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज 127वीं जयंती
भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन के सबसे बड़े नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज 127वीं जयंती है। भारत में इस…
Read More » -
Tribute: राजनीति के भीष्म पितामह थे शरद यादव -ज्ञानेन्द्र रावत
देश के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ, पूर्व केन्द्रीय मंत्री और देश के तीन राज्यों से लोकसभा के लिए सात बार और उ०प्र०…
Read More » -
हीराबेन का सौ वर्षों का सफर वाकई भारतीय आदर्शों का प्रतीक है
देश के प्रधानमंत्री होने के नाते नरेंद्र मोदी ना केवल देश के प्रति निष्ठावान हैं बल्कि देश और राष्ट्र के…
Read More » -
Tabassum Govil Death: अब फूल नहीं खिलेंगे गुलशन गुलशन
pic-soical media सिनेमा जगत की दिग्गज अदाकारा तबस्सुम गोविल ने 78 वर्ष की उम्र में इस दुनिया को हमेशा-हमेशा के…
Read More » -
बच्चों ने महामहिम राष्ट्रपति के साथ मनाया “चिल्ड्रन्स डे”
दिल्ली स्थित विद्या बाल भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल मयूर विहार के छात्र-छात्राओं ने भारत के महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू…
Read More » -
लोकतंत्र बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी -प्रो. आनंद कुमार
बीती 8 अक्टूबर को संपूर्ण क्रांति के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्य तिथि पर नयी दिल्ली स्थित नारायण दत्त…
Read More » -
OSHO: जाने क्यों, 52 वर्ष पहले जबलपुर को अलविदा कह गया था उसका सुकरात
‘’और सुकरात चला गया’’ आचार्य रजनीश (OSHO) ने आज से ठीक 52 वर्ष पूर्व 30 जून 1970 को जबलपुर को…
Read More » -
बरगद की छाया है- पिता
स्नेह, पालना और दुलार का खजाना पिता से ही मिलता है और बच्चों को यह निश्चित रहता है उसे हर…
Read More »

