सतत चरागाह प्रबंधन के लिए ICAR-IGFRI की अहम पहल
SEWA और FES के साथ साझेदारी से अनुसंधान व क्षमता निर्माण को मिलेगा बल

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झांसी संवाददाता।
आईसीएआर-भारतीय चरागाह और चारा अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईजीएफआरआई), झांसी ने सेवा और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय चरागाह और पशुपालक वर्ष 2026 की भावना के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें सतत चारागाह प्रबंधन और पशुपालन विकास के प्रति तीनों संस्थाओं की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।
इस एमओयू के तहत सहयोगात्मक अनुसंधान, उन्नत तकनीकों का प्रसार और जमीनी स्तर पर उनके प्रभावी उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य चारागाह प्रबंधन और पशुपालन प्रणालियों को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाना है।

एमओयू पर आईसीएआर-आईजीएफआरआई, झांसी के निदेशक डॉ. पंकज कौशल, सेवा के कार्यकारी निदेशक विवेकानंदन एस. और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के कार्यकारी निदेशक सुब्रत सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संस्थान के कई वरिष्ठ वैज्ञानिक और विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने घास के मैदानों के पारिस्थितिकी तंत्र और पशुपालक समुदायों के सामने आ रही चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए अनुसंधान संस्थानों और विकास संगठनों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य संयुक्त पहलों के माध्यम से क्षमता निर्माण, ज्ञान साझा करना और प्रभावी तकनीकी हस्तांतरण तंत्र विकसित करना है। इससे न केवल संस्थागत संबंध मजबूत होंगे, बल्कि ग्रामीण आजीविका, पशुपालन क्षेत्र और पारिस्थितिक सुरक्षा को भी दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सहयोग से देश में चरागाह संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण दोनों को मजबूती मिलेगी।

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