Ganesh Utsav 2026: गणेश चतुर्थी के ऐतिहासिक महत्व के बीच झण्डेवाला देवी मंदिर में गणेश उत्सव का भव्य शुभारंभ
शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा और उत्साह, मराठा बैंड की धुन पर थिरके सेवादार; विधि-विधान से हुई गणपति जी की स्थापना

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भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, ज्ञान और समृद्धि का देवता माना जाता है। गणेश चतुर्थी का पर्व देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में इस पर्व की विशेष परंपरा रही है। सार्वजनिक रूप से गणेश उत्सव मनाने की परंपरा को विशेष रूप से लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में व्यापक रूप दिया, जिसके बाद यह पर्व सामाजिक एकता और जनभागीदारी का भी महत्वपूर्ण माध्यम बना।
इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्राचीन ऐतिहासिक झण्डेवाला देवी मंदिर, नई दिल्ली में सोमवार, 14 सितंबर 2026 से गणेश उत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। यह उत्सव 25 सितंबर 2026, गणेश चतुर्दशी तक श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा।
मराठा बैंड की धुन पर निकली भव्य शोभायात्रा

गणेश उत्सव के शुभारंभ अवसर पर सोमवार सुबह करीब 9 बजे मंदिर परिसर से गणपति जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सैकड़ों महिला सेवादारों के साथ बड़ी संख्या में पुरुष सेवादारों ने भाग लिया। रंग-बिरंगी पगड़ियां पहने पुरुष सेवादार मराठा बैंड की धुन पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। इस दौरान वातावरण में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।

शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और सेवादारों में विशेष उत्साह नजर आया। गणपति जी के जयकारों और मराठा बैंड की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
विधि-विधान से हुई गणपति जी की स्थापना
भव्य शोभायात्रा के उपरांत प्रातः 10 बजे गणपति जी की विधिवत स्थापना की गई। इसके बाद आज के यजमान द्वारा भगवान गणेश का विधि-विधान के साथ पूजन किया गया और आरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने गणपति जी के समक्ष सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
मंदिर परिसर में गणपति जी का भव्य और आकर्षक दरबार सजाया गया है। गणेश उत्सव को लेकर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक वातावरण बनाया गया है, जहां श्रद्धालु गणपति जी के दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।
आरती के बाद भक्तों को वितरित किया गया प्रसाद
पूजन और आरती के पश्चात मंदिर में उपस्थित सभी भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक गणपति जी के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। गणेश उत्सव के शुभारंभ के साथ ही झण्डेवाला देवी मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
14 सितंबर से शुरू हुआ यह गणेश उत्सव 25 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए गणपति जी के दर्शन, पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। गणेश उत्सव के शुभारंभ अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और सेवादारों की मौजूदगी रही।

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