दिल्ली का महाराजा गणेश महोत्सव 2026: सिल्वर जुबली पर दिखेगा ‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता’ का भव्य रूप
14 से 25 सितंबर तक लक्ष्मी नगर में होगा 12 दिवसीय आयोजन, 52 महिलाएं 52 कलश के साथ प्रस्तुत करेंगी शक्तिपीठों की झलक

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श्री गणेश सेवा मंडल, दिल्ली (रजि.), लक्ष्मी नगर द्वारा आयोजित लोकप्रिय गणेश महोत्सव ‘दिल्ली का महाराजा’ इस वर्ष अपनी सिल्वर जुबली मना रहा है। 25वें गणेश महोत्सव की तैयारियों और आयोजन की रूपरेखा से मीडिया को अवगत कराने के लिए उत्सव स्थल पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संस्था के संस्थापक अध्यक्ष महेन्द्र लड्डा ने संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधान आनंद गोयल सहित संस्था के अन्य प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
इस वर्ष ‘दिल्ली का महाराजा’ गणेश महोत्सव 14 से 25 सितंबर 2026 तक लक्ष्मी नगर के प्रियदर्शनी विहार स्थित डीडीए मिनी क्रिकेट स्टेडियम, बैंक एनक्लेव, लक्ष्मी नगर में आयोजित किया जाएगा। 12 दिवसीय इस आयोजन को सिल्वर जुबली वर्ष के कारण विशेष और भव्य स्वरूप दिया जा रहा है।
‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता’ होगी इस वर्ष की खास थीम

संस्थापक अध्यक्ष महेन्द्र लड्डा ने बताया कि 25वें गणेश महोत्सव की थीम “विघ्नहर्ता से विकासकर्ता—25 वर्ष की आस्था, 2047 विकसित आधुनिक भारत का संकल्प” रखी गई है। इस थीम के माध्यम से भारत की प्राचीन आस्था एवं परंपरा से लेकर आधुनिक विज्ञान, तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की विकास यात्रा को भव्य पंडाल और झांकियों के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।
महोत्सव में भारत की ज्ञान एवं सांस्कृतिक परंपरा, महिला सशक्तीकरण, युवा शक्ति, अंतरिक्ष एवं रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, विज्ञान एवं तकनीक, डिजिटल इंडिया, पर्यावरण संरक्षण तथा 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को विशेष रूप से दर्शाया जाएगा।
महेन्द्र लड्डा ने कहा कि संस्था पिछले 25 वर्षों से लक्ष्मी नगर में ‘दिल्ली का महाराजा’ के नाम से गणेश महोत्सव आयोजित करती आ रही है। सिल्वर जुबली वर्ष को यादगार बनाने के लिए इस बार भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत से लेकर आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत तक की विकास यात्रा को गणपति महोत्सव की अवधारणा से जोड़ा गया है।
गणपति के हाथों में दिखेंगे ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल और सेमीकंडक्टर
इस बार ‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता’ की विशेष अवधारणा के तहत गणपति बप्पा के हाथों में मेड इन इंडिया ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल और सेमीकंडक्टर की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके माध्यम से आध्यात्मिक आस्था के साथ भारत की वैज्ञानिक, तकनीकी और रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता को प्रतीकात्मक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
उत्सव स्थल पर गणपति बप्पा ‘दिल्ली का महाराजा’ की भव्य मंगल मूर्ति के साथ मंच पर भगवान विठ्ठल की 6 फीट ऊंची मूर्ति, रुक्मिणी माता की 5 फीट ऊंची मूर्ति, संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम और खाटू श्याम जी महाराज की मूर्तियां भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
द्वादश ज्योतिर्लिंगों की थीम पर तैयार होगा भव्य पंडाल
गणेश महोत्सव का पंडाल द्वादश ज्योतिर्लिंगों की भव्य थीम पर तैयार किया गया है। पंडाल के मुख्य प्रवेश द्वार के केंद्र में भगवान केदारनाथ मंदिर की भव्य प्रस्तुति होगी, जबकि दोनों ओर देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों की कलात्मक झलक देखने को मिलेगी।
यह भव्य प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण होगा और भारतीय आध्यात्मिक विरासत को एक ही स्थान पर दर्शाने का प्रयास करेगा।
‘अनेकता में एकता’ की थीम पर निकलेगी कलश शोभायात्रा
गणपति बप्पा की मंगलमूर्ति स्थापना के अवसर पर ‘अनेकता में एकता’ की थीम पर भव्य कलश शोभायात्रा आयोजित की जाएगी। इसमें भारत की सांस्कृतिक विविधता को इंद्रधनुष के सात रंगों की तरह सात रंग, सात प्रदेश और सात प्रमुख परंपराओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
महिला सशक्तीकरण को विशेष महत्व देते हुए शोभायात्रा में 52 महिलाएं 52 कलश लेकर शामिल होंगी, जो प्रतीकात्मक रूप से 52 शक्तिपीठों का प्रतिनिधित्व करेंगी।
शोभायात्रा में राजस्थान की गंगौर यात्रा, बिहार का छठ पर्व, गुजरात का महा रास, गरबा एवं डांडिया, पंजाब की देशभक्ति प्रस्तुति, दुर्गा पूजा, महाराष्ट्र की वारी परंपरा तथा दक्षिण भारत की रामायण आधारित झांकियां शामिल होंगी। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां शोभायात्रा को और आकर्षक बनाएंगी।
भारत की विकास यात्रा की दिखेगी झलक
महोत्सव के पंडाल में भारत की ज्ञान परंपरा से लेकर आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक तक की यात्रा को झांकियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा। इनमें स्वतंत्रता संग्राम, अंतरिक्ष एवं रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां, एआई एवं रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय प्रमुख होंगे।
इसके साथ ही 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना पर आधारित विशेष भविष्य झांकी भी तैयार की जाएगी। 25 वर्षों की यात्रा को समर्पित विशेष सिल्वर जुबली इंस्टॉलेशन भी महोत्सव का विशेष आकर्षण रहेगा।
14 सितंबर को भव्य शुभारंभ, 25 सितंबर को होगा समापन
महेन्द्र लड्डा के अनुसार, 25वें गणेश महोत्सव का शुभारंभ 14 सितंबर को शाम 4 बजे भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। इसके बाद शाम 6 बजे मंगलमूर्ति की स्थापना की जाएगी।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम 8 बजे महाआरती के बाद सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। प्रतिदिन दिल्ली के महाराजा का आशीर्वाद लेने और महाआरती में शामिल होने के लिए विशिष्ट अतिथियों के भी पहुंचने का कार्यक्रम रहेगा।
25 सितंबर को छप्पन भोग, महाआरती और गणपति बप्पा के विसर्जन के साथ सिल्वर जुबली गणेश महोत्सव का समापन होगा।
स्वास्थ्य और सेवा कार्य भी होंगे आयोजन का हिस्सा
गणेश महोत्सव को धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के साथ-साथ सामाजिक सेवा से भी जोड़ा गया है। उत्सव स्थल पर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, मैमोग्राफी टेस्ट और रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इसके अलावा दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी उपकरणों का निःशुल्क वितरण भी किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इन सेवा गतिविधियों का उद्देश्य गणेश महोत्सव को श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जोड़ना है।
सिल्वर जुबली महोत्सव में दिखेगा आस्था और आधुनिक भारत का संगम
‘दिल्ली का महाराजा’ का 25वां गणेश महोत्सव इस बार धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सेवा और आधुनिक भारत की उपलब्धियों को एक साथ प्रस्तुत करने की दिशा में विशेष आयोजन के रूप में तैयार किया जा रहा है। ‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता’ की थीम के जरिए आयोजकों ने 25 वर्षों की आस्था को वर्ष 2047 के विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया है।

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