Mandakini River flood: चित्रकूट बाढ़ पर सीएम योगी का बड़ा ऐलान, 800 परिवारों को राहत सामग्री, नुकसान की भरपाई का भरोसा
मंदाकिनी नदी की बाढ़ का हवाई और स्थलीय सर्वेक्षण कर बोले योगी- प्रभावित परिवार खुद को अकेला न समझें, सरकार हर संभव मदद करेगी

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मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद रामघाट समेत अन्य प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की और आश्रयहीन हुए परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र तथा आपदा मोचक निधि से राहत राशि प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में चित्रकूट के लोगों को अकेला नहीं समझना चाहिए। सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
2017 से पहले की सरकार पर सीएम योगी का निशाना
राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले बाढ़ आने पर तत्कालीन सरकारें प्रभावित लोगों की समस्याओं का तत्काल संज्ञान नहीं लेती थीं। उन्होंने कहा कि राहत के नाम पर प्रभावित परिवारों को सूखा ब्रेड तक दिया जाता था, जबकि आज सरकार प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक व्यापक राहत सामग्री पहुंचा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां बाढ़ प्रभावित परिवारों को एक किलो राहत सामग्री तक नहीं मिलती थी, वहीं अब करीब 50 किलो राहत सामग्री की किट उपलब्ध कराई जा रही है।
चित्रकूट संकट में है तो सरकार साथ खड़ी है: योगी
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि जब प्रभु श्रीराम को वनवास हुआ था, तब चित्रकूट ने उन्हें आश्रय दिया था। आज चित्रकूटवासी संकट में हैं तो प्रभु श्रीराम के भक्त होने के नाते सरकार उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं, व्यापारियों और साधु-संतों को बाढ़ से जो भी नुकसान हुआ है, सरकार उसकी भरपाई के लिए हर संभव सहयोग करेगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम ने जिस पावन धरा पर लंबे समय तक रहकर ऋषि-मुनियों के सानिध्य में राम राज्य की परिकल्पना को साकार किया, वह आज भी आस्था और साधना का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने प्रभावित परिवारों से कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे खुद को अकेला न समझें। डबल इंजन की सरकार और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं।
तीन घंटे में राहत-बचाव अभियान में जुटीं आठ कंपनियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस दिन चित्रकूट में अचानक बाढ़ आई, उस समय वह बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर थे। सूचना मिलते ही उन्होंने लखनऊ से डीजी पीएसी को निर्देश देकर एसडीआरएफ और पीएसी की अतिरिक्त फ्लड कंट्रोल कंपनियों को चित्रकूट रवाना करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि उस समय जिले में एसडीआरएफ की केवल एक कंपनी तैनात थी, लेकिन अगले दो से तीन घंटे के भीतर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी फ्लड यूनिट की कुल आठ कंपनियां राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। इसके बाद युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उसी दिन शाम जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राहत कार्यों की समीक्षा की गई और घरों में फंसे लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
मंदाकिनी में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर बढ़ा जलस्तर
सीएम योगी ने कहा कि इस बार मंदाकिनी नदी में जलस्तर में असाधारण वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष क्षेत्र में करीब 360 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, जबकि इस वर्ष बारिश का स्तर लगभग दोगुना पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की ओर जाने वाला भारी वाहनों का पक्का पुल भी बाढ़ में बह गया। जब मजबूत पुल तक बाढ़ की चपेट में आकर बह सकता है तो सामान्य घरों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन के साथ विस्तृत बैठक कर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
कैचमेंट क्षेत्र में अनियोजित निर्माण पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी के कैचमेंट क्षेत्र में अनियोजित निर्माण और अतिक्रमण भी ऐसी आपदाओं की गंभीरता बढ़ा सकते हैं। नदी जब अपने प्राकृतिक स्वरूप में बहती है तो उसके प्रवाह क्षेत्र में आने वाले अतिक्रमण और निर्माण बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कैचमेंट क्षेत्र में अनियोजित निर्माण से बचना होगा और नदी के स्वाभाविक प्रवाह के लिए पर्याप्त मार्ग सुनिश्चित करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी भीषण बाढ़ के बावजूद प्रभु श्रीराम, कामदनाथ, हनुमान जी और चित्रकूट की ऋषि-मुनियों की तपस्थली की कृपा से किसी व्यक्ति की जनहानि नहीं हुई।
बाढ़ प्रभावित परिवारों, व्यापारियों और मंदिरों को मिलेगा सहयोग
सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ से सामान्य परिवारों, व्यापारियों, मठ-मंदिरों और घाटों को हुए नुकसान में भी सरकार की ओर से सहयोग की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि बाढ़ या अग्निकांड में किसी गरीब अथवा अन्य व्यक्ति का पूरा घर नष्ट हो जाता है तो पात्रता के अनुसार उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया आवास उपलब्ध कराया जाएगा। यदि परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र नहीं है तो मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास और जमीन का पट्टा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
करीब 50 किलो की राहत किट में 26 जरूरी सामान
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए तैयार राहत सामग्री किट में 26 आवश्यक सामान शामिल हैं और इसका वजन करीब 50 किलो है।
राहत किट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर की दाल, एक लीटर रिफाइंड या सरसों का तेल, चना, लाई, मिर्च, मसाला, धनिया और हल्दी समेत अन्य जरूरी सामग्री शामिल है।
इसके अलावा प्रभावित परिवारों को डिग्निटी किट भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें बाल्टी, मग, ढक्कन वाली बाल्टी, बरसाती सहित जरूरत की अन्य वस्तुएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आपदा राहत के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली धनराशि बिना किसी भेदभाव के पात्र पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर निर्देश
योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलजमाव के कारण सांप, बिच्छू और अन्य जंगली जीव बाहर निकल सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम और एंटी-रेबीज वैक्सीन तत्काल एवं नि:शुल्क उपलब्ध होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि डूबने, आकाशीय बिजली गिरने अथवा वन्यजीव के हमले से किसी व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में संबंधित परिवार को आपदा राहत के तहत 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाए।
फसल, सड़क, घाट और बिजली व्यवस्था के नुकसान का होगा सर्वे
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। इसके साथ ही बाढ़ में क्षतिग्रस्त सड़कों, घाटों, बिजली के तारों और खंभों को दोबारा दुरुस्त किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि डबल इंजन की सरकार चित्रकूट को इस संकट से उबारने के लिए पूरी मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछली बार चित्रकूट दौरे के दौरान उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी थी। अब बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट के पुनर्वास और पुनर्निर्माण में भी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, नगरपालिका परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष महेंद्र कोटारे और पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

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