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अंकिता हत्यााकांड:आरोपियों के तार आतंकी संगठनों से जुड़े होने की आशंका

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने की अंकिता के परिजनों से मुलाकात, परिवार की देखभाल भाजपा करेगी।

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नई दिल्ली: दुमका की बेटी अंकिता हत्यारकांड मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। हत्याहकांड केआरोपी नईम का आतंकी कनेक्शान को खंगाला जा रहा है। जानकारी के अनुसार उच्चलस्तेरीय जांच दल ने बताया कि नईम के मोबाइल से पता चला है कि वह प्रतिबंधित संगठन अंसार-उल-बांग्लाा से प्रभावित था। वह अक्सर अपने मोबाइल पर संगठन के गतिविधियों को देखता था।
     अंसार-उल-बांग्लाठ मूलत: गैर-मुस्लिम लड़कियों से शादी कर बच्चा पैदा करने और उन्हें  इस्लाम धर्म कबूल करने के उद्देश्यन से काम करता है। नईम साल 2021 में 17 वर्षीया लड़की को भगा ले गया था। जिसमे उसे पोक्सो एक्टं में जेल भेजा गया था। वह जमानत पर था। नईम ने पुलिस को बताया कि 22 अगस्तर की शाम शाहरुख उससे मिला था। कहा कि वह अंकिता को जला देगा। फिर उसने ही पेट्रोल खरीद कर शाहरुख को दिया था।
      यह संगठन मूलत: गैर इस्लामिक लड़कियों से शादी कर उससे बच्चा पैदा करने व उन्हें इस्लाम धर्म कबूल करने के उद्देश्य से काम करता है। जानकारी के अनुसार नईम अक्सर अपने मोबाइल पर इस संगठन की गतिविधियों को देखता था और इससे प्रभावित था। माना जा रहा है कि शाहरुख को अंकिता के साथ दोस्ती बढ़ाने में हर कदम पर साथ दे रहा था।
अपनी बेटी अंकिता को गंवाने वाले पिता ने बताया कि आरोपी शाहरुख हुसैन हमारा पड़ोसी है। वह अंकिता को इस्लाम कबूल कर शादी करने के लिए मजबूर कर रहा था।
      शाहरुख अंकिता से कहता था कि मुझसे शादी करो, इस्लाम कबूल करो, नहीं तो मैं तुम्हारी जिंदगी नरक बना दूंगा। इससे अंकिता काफी डरी-सहमी रहती थी। पीड़िता के पिता संजय सिंह का कहना है कि उनके ही मोहल्ले में रहने वाला शाहरुख पिछले कई दिनों से अंकिता को परेशान कर रहा था। वो उस पर जबरन प्यार और शादी करने के लिए दबाव डाल रहा था। अंकिता ने इनकार करते हुए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही तो उसने जान से मारने की धमकी दी और अंत में मेरी बेटी को निर्ममता से मार भी डाला। सवाल ये था कि शाहरुख ने आखिर अंकिता का नंबर कहां से हासिल किया, क्योंकि अंकिता तो शाहरूख को भाव दे नहीं रही थी।
     नईम से पूछताछ के दौरान उसने बयान में पुलिस को बताया है कि शाहरुख उसका जिगरी दोस्त था। उसने पुलिस के समक्ष यह भी बयान दिया है कि 22 अगस्त की शाम शाहरुख उससे मिला था। उस वक्त वह काफी गुस्से में था। शाहरुख ने जब उससे यह कहा कि वह अंकिता को पेट्रोल छिड़क कर जला देगा तो उसने यह कहा कि अगर वह बात नहीं करती है, तो उसकी यही सजा है। फिर उसी ने शाहरुख के लिए पेट्रोल खरीद कर लाया और दोनों मिलकर सुबह चार बजे घटना को अंजाम देने पहुंचे थे। पुलिस के पास यह भी साक्ष्य मिले हैं कि शाहरुख अंकिता को काफी पहले से जानता था और उसे अक्सर तंग किया करता था।
     झारखंड (Jharkhand) के पूर्व मुख्यकमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी ट्वीट करके हत्या के आरोपियों के आतंकी कनेक्शन होने की आशंका जताई है। इसके बाद बांग्लादेशी आतंकी ग्रुप से संपर्क होने की जांच शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि अंकिता का हत्यारा शाहरुख और उसका दोस्त मोहम्मद नईम आतंकवादी संगठन, अंसारुल्ला बांग्ला से प्रेरित थे। उन्होंने लिखा कि यह संगठन बांग्लादेश में ब्लॉगर्स की हत्याओं के लिए भी जिम्मेदार था।
     दरअसल बीजेपी नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के ट्वीट के बाद से अंकिता मर्डर केस में आतंकी कनेक्शन की थ्योरी सामने आई है। बाबूलाल मरांडी के ट्वीट के एक-एक शब्द पर गौर करें तो अंकिता मर्डर केस में आतंकी कनेक्शन सामने आ रहा है। बीजेपी नेता ने ट्वीट में लिखा कि अंसार-उल-बांग्ला भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा के लिए एक फ्रंट ग्रुप है, जिसका मकसद गैर मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाना और उनका धर्म परिवर्तन कराना है।
     23 अगस्त को 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली अंकिता अपने घर में सो रही थी। तड़के सुबह करीब पांच बजे उसी मोहल्ले में रहने वाला शाहरुख हुसैन उसके घर पहुंचा। उसने खिड़की के कांच तोड़कर अंकिता पर पेट्रोल डाला और माचिस जला कर उसे आग के हवाले कर दिया। घटना में गंभीर रूप से जली अंकिता को गंभीर हालत में दुमका जिले के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद 23 अगस्त को ही अंकिता को रांची (Ranchi) के रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया था। अंकिता के दोनों हाथ, दोनों पैर, पीठ का हिस्सा और पेट का काफी हिस्सा बुरी तरह से जल गया था। पांच दिन तक वह जिंदगी और मौत से जूझती रही। शनिवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
     निशिकांत दुबे, मनोज तिवारी और कपिल मिश्रा सहित भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल आज दुमका (Dumka) पहुंचा और अंकिता सिंह के परिवार से मुलाकात की। 12वीं में पढ़ने वाली अंकिता को एक युवक ने जिंदा जला दिया था जिसकी कुछ दिनों बाद अस्पताल में मौत हो गई थी। गोड्डा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि इस परिवार की देखभाल भाजपा करेगी।
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