NIT दिल्ली में युवा इनोवेटर्स को राजेश गाबा ‘प्रिंस’ ने सिखाए स्टार्टअप कम्युनिकेशन के गुर
चार दिवसीय वर्कशॉप में स्टार्टअप पिचिंग, स्टोरीटेलिंग और निवेशकों के सामने प्रभावी प्रेजेंटेशन देने की बारीकियां समझाईं।

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भोपाल, संवाददाता।
“आपके पास कितना भी शानदार आइडिया क्यों न हो, जब तक आप उसे लोगों तक सरल और प्रभावी तरीके से नहीं पहुंचाएंगे, तब तक उसकी पूरी क्षमता और उपयोगिता सामने नहीं आ सकती।” यह बात वरिष्ठ पत्रकार, मोटिवेशनल स्पीकर और कम्युनिकेशन एक्सपर्ट राजेश कुमार गाबा ‘प्रिंस’ ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी दिल्ली) में युवा इनोवेटर्स के साथ संवाद के दौरान कही।
11 से 14 सितंबर तक आयोजित विशेष व्याख्यान और चार दिवसीय वर्कशॉप में उन्होंने बीटेक, एमटेक और पीएचडी विद्यार्थियों को स्टार्टअप कम्युनिकेशन की महत्वपूर्ण बारीकियों से अवगत कराया। ‘इंपोर्टेंस एंड मेथड्स ऑफ मास कम्युनिकेशन फॉर स्टार्टअप्स’ विषय पर आयोजित विभिन्न सत्रों में प्रिंस गाबा ने तकनीकी प्रतिभाओं को बताया कि किसी भी स्टार्टअप के इनोवेशन को बाजार और आम लोगों तक पहुंचाने में तकनीक के साथ प्रभावी संवाद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
स्टार्टअप पिचिंग और स्टोरीटेलिंग की बारीकियां समझाईं

जीटी करनाल रोड स्थित एनआईटी दिल्ली कैंपस में आयोजित वर्कशॉप में एयरोस्पेस, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग सहित विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
कम्युनिकेशन एक्सपर्ट राजेश कुमार गाबा ‘प्रिंस’ ने विद्यार्थियों के साथ स्टार्टअप पिचिंग, स्टोरीटेलिंग, पब्लिक कम्युनिकेशन और निवेशकों के सामने प्रभावी प्रेजेंटेशन देने से जुड़ी तकनीकों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जटिल तकनीकी विचारों को सरल और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना जरूरी है, ताकि ग्राहक, निवेशक और आम लोग उस इनोवेशन की उपयोगिता को आसानी से समझ सकें।
वर्कशॉप के दौरान स्टार्टअप फंडिंग, सरकारी नीतियों, पेटेंट और इनोवेशन कम्युनिकेशन जैसे विषयों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई। विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि किसी तकनीकी उत्पाद या विचार को सफल बनाने के लिए उसके प्रभावी संचार और प्रस्तुतीकरण पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
पत्रकारिता और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में दो दशकों का अनुभव
राजेश गाबा ‘प्रिंस’ पिछले करीब 20 वर्षों से पत्रकारिता, एंकरिंग, शिक्षण और कम्युनिकेशन प्रशिक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान वे फिल्म, कला, संगीत, राजनीति और खेल जगत की 2000 से अधिक प्रमुख हस्तियों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू कर चुके हैं।
उनका यह अनुभव पब्लिक स्पीकिंग, एंकरिंग और मोटिवेशनल प्रशिक्षण के क्षेत्र में व्यावहारिक आधार प्रदान करता है। वे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी के रूप में पत्रकारिता के विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी कर रहे हैं।
इसके अलावा, वे एनआईएफटी, एनआईडी सहित विभिन्न संस्थानों में पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, एंकरिंग और कंटेंट राइटिंग से जुड़े प्रशिक्षण सत्र आयोजित करते रहे हैं।
शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े हैं प्रिंस गाबा
पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ-साथ राजेश गाबा ‘प्रिंस’ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े हुए हैं। वे पिछले कई वर्षों से स्लम बस्तियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उनका मानना है कि शिक्षा और सही मार्गदर्शन प्रत्येक बच्चे का अधिकार है।
वे लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में 105 देशों के युवा प्रतिनिधियों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके अलावा, ब्रेन ट्यूमर की लेजर थेरेपी से जुड़े एक प्रोजेक्ट के लिए उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के हाथों राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होने का भी उल्लेख किया गया है।
वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने दी शुभकामनाएं
एनआईटी दिल्ली में विशेष व्याख्यान के लिए आमंत्रित किए जाने पर वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक महेश श्रीवास्तव ने राजेश गाबा ‘प्रिंस’ को पत्र लिखकर शुभकामनाएं दीं।
प्रिंस गाबा इन दिनों अपने करीब 20 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव पर पुस्तक लिखने के साथ-साथ पीएचडी के कार्य में भी जुटे हुए हैं। एनआईटी दिल्ली में आयोजित विशेष व्याख्यान और वर्कशॉप के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी नवाचारों के प्रभावी संचार, स्टार्टअप प्रस्तुतीकरण और पेशेवर संवाद की उपयोगिता से परिचित कराया।

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