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कला शिक्षिका सीमा खेड़ा को मिला 42वां डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कला व सुलेख के लिए प्राप्त कर चुकी हैं सम्मान

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डॉ. एस. राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह समिति, बरवाला दिल्ली के तत्वावधान में अशोक विहार स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में डीएवी पब्लिक स्कूल अशोक विहार की कला शिक्षिका सुश्री सीमा खेड़ा को शिक्षा एवं कला के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 42वें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया।

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने सुश्री सीमा खेड़ा को सम्मान स्वरूप शॉल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री लविना अरोड़ा ने की।

कला और पारंपरिक भारतीय सुलेख के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान

शिक्षाविद् डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने बताया कि सुश्री सीमा खेड़ा को कला शिक्षण के क्षेत्र में करीब 40 वर्षों का लंबा अनुभव है। उन्होंने कला, क्राफ्ट तथा पारंपरिक भारतीय सुलेख के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कलम और स्याही की पारंपरिक कला में विशेष पहचान बनाने वाली सीमा खेड़ा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। वह विभिन्न कला प्रदर्शनियों और सुलेख कार्यशालाओं में सक्रिय रूप से भाग लेती रही हैं तथा विद्यार्थियों को पारंपरिक भारतीय कला और सुलेख से जोड़ने का निरंतर प्रयास करती हैं।

42 वर्षों से उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने कहा कि डॉ. एस. राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह समिति पिछले 42 वर्षों से उत्कृष्ट एवं समर्पित शिक्षकों का सम्मान करती आ रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करना समाज और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्व को रेखांकित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने सीमा खेड़ा के कला शिक्षण के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका चार दशक लंबा अनुभव और पारंपरिक भारतीय कला के प्रति उनकी प्रतिबद्धता विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।

हजारों विद्यार्थियों को पारंपरिक कला से जोड़ा

विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री लविना अरोड़ा ने सीमा खेड़ा को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अपने करीब 40 वर्षों के कला शिक्षण के दौरान सीमा खेड़ा ने हजारों छात्र-छात्राओं को पारंपरिक कला, क्राफ्ट और भारतीय सुलेख में दक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि कला शिक्षा विद्यार्थियों में रचनात्मकता, धैर्य और भारतीय संस्कृति के प्रति समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सुरेंद्र कांत शर्मा रहे विशिष्ट अतिथि

समारोह में संगीत मर्मज्ञ एवं रोटरी क्लब दिल्ली आप टाउन के पूर्व अध्यक्ष रोटेरियन श्री सुरेंद्र कांत शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यालय के प्रतिनिधियों एवं कला क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सीमा खेड़ा को सम्मान मिलने पर शुभकामनाएं दीं।

42वें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 के माध्यम से कला एवं शिक्षा के क्षेत्र में सीमा खेड़ा के चार दशक लंबे योगदान को सम्मानित किया गया, जो शिक्षक समुदाय और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी संदेश है।

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