मीडिया गुरु पीपी सर को जयंती पर किया याद, पत्रकारिता मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प
पीआईबी भोपाल के डायरेक्टर मनीष गौतम ने ‘पीपी सिंह: व्यक्तित्व एक, प्रभाव अनेक’ विषय पर रखे विचार

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भोपाल, संवाददाता।
मीडिया गुरु, वरिष्ठ पत्रकार और मार्गदर्शक स्वर्गीय पुष्पेंद्र पाल सिंह ‘पीपी सर’ का व्यक्तित्व पत्रकारिता जगत के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। उन्होंने मीडिया, जनसंपर्क और पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी के रूप में देखा। उनके विराट व्यक्तित्व में जहां सूर्य के समान तेज था, वहीं चंद्रमा जैसी शीतलता और आत्मीयता भी दिखाई देती थी।
यह बात पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), भोपाल के डायरेक्टर मनीष गौतम ने गुरुवार को दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय में आयोजित ‘एक स्मृति… एक विरासत… एक आगाज’ कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम में स्वर्गीय पुष्पेंद्र पाल सिंह ‘पीपी सर’ की जयंती के अवसर पर उनके व्यक्तित्व, विचारों और पत्रकारिता में योगदान का पुण्य स्मरण किया गया। इस अवसर पर पुष्पेंद्र पाल सिंह फाउंडेशन, भोपाल की औपचारिक शुरुआत के साथ फाउंडेशन की वेबसाइट का भी अनावरण किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पीपी सर की पत्रकारिता की विरासत, उनके जीवन मूल्यों और मार्गदर्शन को पत्रकारिता की नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
पीपी सर ने पूरी पीढ़ी को दिए पत्रकारिता के संस्कार
कार्यक्रम में ‘पीपी सिंह: व्यक्तित्व एक, प्रभाव अनेक’ विषय पर विचार रखते हुए मनीष गौतम ने पीपी सर के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पीपी सर का प्रभाव केवल उनके लिखे शब्दों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने अपने साथ काम करने और उनसे सीखने वाली पूरी पीढ़ी को पत्रकारिता के संस्कार दिए।
उन्होंने कहा कि पीपी सर शासन की नीतियों और जटिल से जटिल विषयों को तथ्यों के साथ बेहद सहज तरीके से लोगों के सामने रखने की क्षमता रखते थे। आकाशवाणी और दूरदर्शन के कार्यक्रमों में भी उन्होंने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से कठिन विषयों को सरल भाषा में समझाने का काम किया।
मनीष गौतम ने पीपी सर के जीवन मूल्यों और लोगों को साथ लेकर चलने की उनकी क्षमता को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पीपी सर हमेशा सबकी बेहतरी के लिए काम करते रहे और उनके व्यक्तित्व पर किसी तरह का दाग नजर नहीं आता।
डिजिटल दौर में क्षेत्रीय पत्रकारिता के लिए नए अवसर
कार्यक्रम में बुंदेली बौछार के संस्थापक एवं संपादक सचिन चौधरी ने ‘डिजिटल दौर: क्षेत्रीय मीडिया में उद्यमिता के अवसर’ विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों ने क्षेत्रीय और स्थानीय पत्रकारिता के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। छोटे शहरों और स्थानीय भाषाओं की खबरें अब डिजिटल मंचों के जरिए व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंच रही हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों ने पत्रकारिता में आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोले हैं। वर्तमान समय में मोबाइल का सदुपयोग करते हुए 5 हजार से अधिक इंफ्लुएंसर्स बुंदेली बोली में कंटेंट तैयार कर रहे हैं। हालांकि, तकनीक के तेजी से बदलते दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता और तथ्यों की शुद्धता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
सचिन चौधरी ने पीपी सर से अपने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि बुंदेलखंड से संबंध रखने के कारण उनका पीपी सर से विशेष आत्मीय जुड़ाव था। बुंदेली बौछार को भी उनका स्नेह और मार्गदर्शन लगातार मिलता रहा।
संस्मरणों में याद किए गए पीपी सर
विशेष संस्मरण सत्र में मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग की पूर्व सहायक संचालक करुणा राजुरकर ने पीपी सर के आत्मीय, संवेदनशील और मार्गदर्शक व्यक्तित्व से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने पीपी सर के मानवीय पक्ष को याद करते हुए उनके साथ बिताए अनुभवों पर प्रकाश डाला।

राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित समाजसेवी पूनम श्रोती ने कहा कि पीपी सर के पास हर मुश्किल परिस्थिति का समाधान होता था। उन्होंने कहा कि जब भी वह किसी समस्या या मुद्दे को लेकर पीपी सर से मिलीं, उनका जवाब होता था—चिंता मत करो, सब हो जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान पीपी सर के पूर्व विद्यार्थियों, वरिष्ठ पत्रकारों और सहकर्मियों ने भी उनके साथ बिताए अनुभव साझा किए और उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को याद किया।
पीपी सर की विचारधारा को आगे बढ़ाएगा फाउंडेशन
पुष्पेंद्र पाल सिंह फाउंडेशन की अध्यक्ष शानू सिंह ने फाउंडेशन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य पीपी सर की विचारधारा, पत्रकारिता के मूल्यों और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि पीपी सर की स्मृति को केवल आयोजनों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि रचनात्मक गतिविधियों और नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन के माध्यम से उनकी विरासत को आगे बढ़ाया जाएगा। फाउंडेशन पत्रकारिता और समाज के क्षेत्र में पीपी सर के विचारों एवं मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में काम करेगा।
कार्यक्रम में पीपी सर के पूर्व विद्यार्थी, वरिष्ठ पत्रकार, पत्रकारिता एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग तथा उनके सहकर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि पुष्पेंद्र पाल सिंह ‘पीपी सर’ की पत्रकारिता केवल एक दौर की कहानी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक विरासत है।

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