ब्रिक्स सम्मेलन से विश्व में शांति और स्थिरता का संदेश, भारत की वैश्विक छवि हुई मजबूत: डॉ. दयानंद वत्स भारतीय
डॉ. दयानंद वत्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी के लिए दी बधाई

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नेशनल एजुकेशनल मीडिया नेटवर्क के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया बुद्ध की धरती भारत की ओर आशा और विश्वास की नजरों से देख रही है।
डॉ. वत्स ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अनेक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्पष्ट रूप से यह संदेश दे चुके हैं कि “यह युद्ध का समय नहीं है।” भारत भगवान बुद्ध की धरती है और सदैव विश्व शांति, सद्भाव एवं स्थिरता का पक्षधर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी किसी देश पर पहले हमला नहीं किया और उसकी विदेश नीति का मूल आधार शांति तथा सहयोग रहा है।
ब्रिक्स सम्मेलन से भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत
डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने कहा कि भारत विश्व में शांति और स्थिरता चाहता है तथा इसके लिए वह हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात मजबूती से रखता है। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से वैश्विक पटल पर भारत की भूमिका और छवि को नई मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। ब्रिक्स में शामिल प्रमुख देशों का वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और कूटनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव है। रूस भारत का भरोसेमंद मित्र देश रहा है, जबकि चीन भी विश्व की प्रमुख शक्तियों में शामिल है। ऐसे में ब्रिक्स मंच पर प्रमुख देशों के नेताओं का संवाद वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
मानवता के हित में नए युग की उम्मीद
डॉ. वत्स ने कहा कि ब्रिक्स देशों का यह सम्मेलन विश्व में एक नए युग के सूर्योदय का संदेश दे सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साझा प्रयास मानवता के हित में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच रक्षा, व्यापार, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती मिलने से वैश्विक सहयोग का दायरा बढ़ सकता है। इससे विकासशील देशों की आवाज को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से सामने रखने का अवसर मिलेगा।
किसी देश के खिलाफ नहीं, वैश्विक सहयोग का मंच है ब्रिक्स
डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने कहा कि ब्रिक्स किसी एक देश के खिलाफ खड़ा समूह नहीं है, बल्कि वैश्विक सहयोग और बहुपक्षीय संवाद को मजबूत करने वाला मंच है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों को साथ लेकर चलना और पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरोना ही आज की आवश्यकता है।
उन्होंने ब्रिक्स देशों की तुलना “फूलों के एक गुलदस्ते” से करते हुए कहा कि अलग-अलग देशों की अपनी विशेषताएं और हित हैं, लेकिन आपसी सहयोग के माध्यम से विश्व शांति, विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। डॉ. वत्स ने अंत में ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल सभी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि भारत की धरती से विश्व शांति, सहयोग और मानव कल्याण का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचे, यही इस सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।





