धर्म/समाजबहुत खूबसाहित्य

मीरा कृष्ण की संगीति: डॉ. वंदना वाडेरा ने संगीत और स्मृतियों को दिया साहित्यिक रूप

नई दिल्ली में आयोजित विमोचन समारोह में साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक जगत से जुड़े कई लोग हुए शामिल।

👆भाषा ऊपर से चेंज करें

नई दिल्ली। लेखिका एवं रचनाकार डॉ. वंदना वाडेरा की पुस्तक ‘मीरा कृष्ण की संगीति’ का नई दिल्ली में भव्य एवं भावपूर्ण समारोह के दौरान विमोचन किया गया। यह पुस्तक उनकी रचनात्मक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और अपने माता-पिता मीरा एवं कृष्ण को समर्पित एक संवेदनशील श्रद्धांजलि है। पुस्तक में गीतात्मक रचनाओं के माध्यम से स्मृतियों, भावनाओं, प्रेम, परिवार और संगीत की शाश्वत शक्ति को अभिव्यक्त किया गया है।

पुस्तक का विमोचन वन विवाह, Concepts & Cuisines by Fio, RR Enterprises और Womncom के सहयोग से आयोजित किया गया। आयोजन को Amrish Pershad Designs, Weddings by Nutshell, Jaspreet Gulati और Gemmines का भी सहयोग मिला। इस अवसर पर साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे और उन्होंने डॉ. वंदना वाडेरा की नवीनतम कृति का उत्सव मनाया।

संगीत, स्मृतियों और भावनाओं का अनूठा संगम

Nu Voice द्वारा प्रकाशित और Penguin Random House द्वारा वितरित ‘मीरा कृष्ण की संगीति’ गीतात्मक रचनाओं का एक अनूठा संग्रह है। पुस्तक की प्रत्येक रचना अपने भीतर एक अलग कहानी और भावनात्मक संसार समेटे हुए है। अपनी माता मीरा और पिता कृष्ण को समर्पित इस कृति में लेखिका ने अपने माता-पिता के साथ गहरे भावनात्मक जुड़ाव और उनकी स्मृतियों को शब्दों एवं संगीत के माध्यम से संजोने की कोशिश की है।

यह संग्रह गीतों और संगीत रचनाओं को एक साथ प्रस्तुत करता है, जिससे प्रत्येक रचना एक स्वतंत्र कथा के रूप में सामने आती है। डॉ. वाडेरा इस पुस्तक के माध्यम से संगीत, स्मृतियों और मानवीय भावनाओं के बीच के गहरे संबंध को तलाशती हैं। प्रेम, परिवार, रिश्ते और विरासत जैसे विषयों को उन्होंने बेहद संवेदनशील और आत्मीय अंदाज में प्रस्तुत किया है।

“यह पुस्तक मेरे दिल के बेहद करीब है”: डॉ. वंदना वाडेरा

पुस्तक के विमोचन अवसर पर डॉ. वंदना वाडेरा ने कहा, “यह पुस्तक मेरे दिल के बेहद करीब है। यह मेरे माता-पिता, मीरा और कृष्ण, के प्रति मेरी श्रद्धांजलि है और संगीत तथा कहानी कहने की भाषा के माध्यम से उनकी स्मृतियों को सहेजकर रखने का मेरा एक प्रयास है।”

समारोह में पुस्तक की रचनात्मक यात्रा और गीतात्मक कहानी कहने को संगीत के साथ जोड़ने की इसकी अनूठी शैली को विशेष रूप से सराहा गया। साहित्य एवं रचनात्मक जगत से जुड़े अतिथियों और मित्रों ने लेखिका के साथ संवाद किया और उनकी कृति के भावनात्मक एवं रचनात्मक पक्षों को करीब से जाना।

परिवार, प्रेम और विरासत की भावनात्मक यात्रा

‘मीरा कृष्ण की संगीति’ केवल गीतात्मक रचनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह परिवार, स्मृतियों और रिश्तों से जुड़ी एक भावनात्मक यात्रा है। डॉ. वंदना वाडेरा ने शब्दों, संगीत और कहानी कहने के माध्यम से अपने माता-पिता की यादों को एक स्थायी रचनात्मक रूप देने का प्रयास किया है।

पुस्तक के माध्यम से लेखिका यह रेखांकित करती हैं कि संगीत और साहित्य केवल अभिव्यक्ति के माध्यम नहीं, बल्कि स्मृतियों और भावनाओं को पीढ़ियों तक संजोकर रखने का सशक्त माध्यम भी हैं। ‘मीरा कृष्ण की संगीति’ इसी भाव को केंद्र में रखते हुए प्रेम, पारिवारिक विरासत और मानवीय संवेदनाओं का खूबसूरत उत्सव प्रस्तुत करती है।

पुस्तक के बारे में

‘मीरा कृष्ण की संगीति’ डॉ. वंदना वाडेरा द्वारा रचित गीतात्मक रचनाओं का संग्रह है, जो उनके माता-पिता मीरा और कृष्ण को समर्पित है। प्रत्येक रचना एक कहानी कहती है और संगीत, भावनाओं एवं स्मृतियों को एक साथ पिरोते हुए प्रेम, रिश्तों और विरासत की संवेदनशील अभिव्यक्ति प्रस्तुत करती है।

और अधिक खबरें पढ़ने के लिए यहां Click करें।
आप चाहें तो अपने मोबाइल पर Play Store से हमारा DAINIK INDIA 24X7 ऐप्प डाउनलोड कर सकते हैं।
🌟 Stay Updated with Dainik India 24×7!

Get the latest news on politics, entertainment, sports, and more right at your fingertips!

👉 Follow us for real-time updates:

Join our community and stay informed!
Tags

Related Articles

Back to top button
Close