दुनिया (International)देश (National)बहुत खूबभोपाल

राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ समारोह में शामिल हुईं भोपाल की दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता पूनम श्रोती

80वें स्वतंत्रता दिवस पर विशेष आमंत्रण के तहत राष्ट्रपति भवन पहुंचीं भोपाल की दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता पूनम श्रोती, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक कार्यों के लिए किया प्रोत्साहित।

👆भाषा ऊपर से चेंज करें

भोपाल संवाददाता मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता और उद्दीप सोशल वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक पूनम श्रोती को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित प्रतिष्ठित ‘एट होम’ रिसेप्शन में विशेष आमंत्रण मिला। 15 अगस्त को आयोजित इस समारोह में पूनम अपने माता-पिता के साथ शामिल हुईं। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में देश के विशिष्ट अतिथियों के बीच शामिल होना उनके लिए गौरव और यादगार अनुभव रहा।

बचपन से व्हीलचेयर पर रहने वाली पूनम श्रोती लंबे समय से दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान, समान अवसर और सशक्तिकरण के लिए काम कर रही हैं। सामाजिक क्षेत्र में उनके निरंतर प्रयासों ने उन्हें मध्यप्रदेश के दिव्यांगजनों के बीच एक मजबूत आवाज के रूप में पहचान दिलाई है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने पूनम श्रोती के प्रयासों को सराहा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूनम श्रोती के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें दिव्यांगजनों के अधिकारों के लिए किए जा रहे प्रयासों को और आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। पूनम ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिले इस सम्मान और प्रोत्साहन के लिए राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

पूनम ने कहा कि देश के शीर्ष नेतृत्व से मिले प्रोत्साहन ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े उनके कार्यों के प्रति जिम्मेदारी को और बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भोपाल से राष्ट्रपति भवन तक का यह सफर केवल उनका व्यक्तिगत अनुभव नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के प्रत्येक दिव्यांगजन के सपनों के साकार होने का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने पूनम के पत्रों का लिया संज्ञान

https://dainikindia24x7.com/there-should-be-a-nationwide-accessibility-audit-for-the-disabled-poonam-shroti-21472-2/

पूनम श्रोती ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिव्यांगजनों के सामने आने वाली विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों को लेकर पत्र लिखे थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से इन पत्रों का संज्ञान लेते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया का आश्वासन दिया गया।

पूनम ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन भरे शब्दों से उनका विश्वास और मजबूत हुआ है। इससे उन्हें दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए और अधिक सक्रियता से काम करने की प्रेरणा मिली है।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सम्मानजनक जीवन, समान अवसर और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सम्मान, समानता, सुगम्यता और सशक्तिकरण उनके सामाजिक प्रयासों के प्रमुख आधार हैं।

देशभर में सुगम्यता ऑडिट की मांग

पूनम श्रोती ने जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देशभर में सरकारी एवं सार्वजनिक भवनों के साथ-साथ निजी संस्थानों का व्यापक सुगम्यता ऑडिट स्वतंत्र विशेषज्ञों की निगरानी में कराने की मांग की थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि इस प्रक्रिया में मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के दिव्यांगजनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने प्रत्येक संस्थान के लिए समयबद्ध सुगम्यता सुधार योजना तैयार करने, नियमित निगरानी करने और प्रगति की सार्वजनिक रिपोर्टिंग की व्यवस्था करने की मांग भी रखी थी।

पूनम का कहना है कि सुगम्यता किसी पर किया गया उपकार नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रतिबद्धता, कानूनी दायित्व और सम्मानपूर्ण जीवन का आवश्यक आधार है। दिव्यांगजन सहानुभूति या दया नहीं, बल्कि समान पहुंच, समान अवसर, समान भागीदारी और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि सुगम्यता को केवल भवनों और बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। विकसित भारत का सपना तभी पूरी तरह साकार होगा, जब दिव्यांगजनों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल सेवाओं और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं तक समान पहुंच मिलेगी।

देश की 100 प्रेरणादायी महिलाओं में शामिल हो चुकी हैं पूनम

भोपाल के साकेत नगर निवासी पूनम श्रोती उद्दीप सोशल वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक हैं और लंबे समय से दिव्यांग अधिकार एवं सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल चुकी है।

पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी उन्हें देश की 100 प्रेरणादायी महिलाओं में शामिल होने पर सम्मानित कर चुके हैं। इसके अलावा सामाजिक सेवा और दिव्यांग सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें मध्यप्रदेश शासन के नारी शक्ति सम्मान और महर्षि दधीचि सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।

एक असाध्य बीमारी से जूझते हुए बचपन से व्हीलचेयर पर रहने वाली पूनम श्रोती ने अपने संघर्ष को कमजोरी नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की ताकत बनाया है। राष्ट्रपति भवन का ‘एट होम’ समारोह उनके लिए व्यक्तिगत सम्मान के साथ-साथ देश में दिव्यांगजनों की आवाज, अधिकार और स्वीकार्यता को मिल रही बढ़ती अहमियत का प्रतीक बनकर सामने आया है।

पूनम ने कहा कि राष्ट्रपति भवन से मिले इस सम्मान और प्रोत्साहन के बाद उनका संकल्प और मजबूत हुआ है। वे भविष्य में भी समावेशी, सुगम और समान अवसर वाला भारत बनाने के लिए दिव्यांगजनों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेंगी।

और अधिक खबरें पढ़ने के लिए यहां Click करें।
आप चाहें तो अपने मोबाइल पर Play Store से हमारा DAINIK INDIA 24X7 ऐप्प डाउनलोड कर सकते हैं।

🌟 Stay Updated with Dainik India 24×7!

Get the latest news on politics, entertainment, sports, and more right at your fingertips!

👉 Follow us for real-time updates:

Join our community and stay informed!
Tags

Related Articles

Back to top button
Close