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Zomato Share price: जोमेटो की हालत हुई खराब, निवेशकों के डुबाए 96,000 करोड़, जानिए अब क्या रह गया है शेयर का भाव

फूड डिलिवरी स्टार्टअप जोमैटो (Zomato) का शेयर सोमवार को नए लो पर पहुंच गया। इस गिरावट के साथ यह अपने इश्यू प्राइस 76 रुपये से 39 फीसदी नीचे आ चुका है। जोमैटो का शेयर पिछले साल 23 जुलाई को लिस्ट हुआ था। यह 16 नवंबर को 169.10 रुपये के रेकॉर्ड हाई पर पहुंचा था।

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Zomato share price: फूड डिलिवरी स्टार्टअप जोमैटो (Zomato) का शेयर आज 14 फीसदी गिरावट के साथ नए रेकॉर्ड लो पर पहुंच गया। प्री-आईपीओ शेयर्स में लॉक-इन पीरियड खत्म होते ही कंपनी के शेयर नीचले स्तर पर पहुंच गए। बीएसई( BSE)  पर कारोबार के दौरान यह 46.00 रुपये पर आ गया। यह इसका अब तक का सबसे लो लेवल है।

इससे पहले यह 11 मई, 2022 को 50.35 रुपये तक गिरा था। लेकिन आज यह इससे भी नीचे चला गया। इस गिरावट के साथ यह अपने इश्यू प्राइस 76 रुपये से 39 फीसदी नीचे आ चुका है। Zomato का शेयर पिछले साल 23 जुलाई को लिस्ट हुआ था। यह 16 नवंबर को 169.10 रुपये के रेकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। यह देश में लिस्ट होने वाली पहली यूनिकॉर्न कंपनी थी और इसमें खासकर युवा निवेशकों ने जमकर निवेश किया था। Read More: Chess Robot: चेस खेल रहें 7 साल के बच्चे की रोबोट ने तोड़ दी उंगली, सामने आया खतरनाक वीडियो

14 प्रतिशत तक गिरे कंपनी के शेयर

Zomato के प्रमोटर्स, कर्मचारियों और ऐसे सभी शेयरधारकों जिन्होंने कंपनी के शेयर 21 जुलाई 2021 को कंपनी का आईपीओ आने के पहले खरीदे थे, उनके शेयरों का लॉकइन पीरियड एक साल पूरा होने के साथ ही खत्म हो गया है। इस कारण कंपनी के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। इससे कंपनी के शेयर 14 प्रतिशत तक लुढ़क गए। आखिरकार यह 11.37 फीसदी की गिरावट के साथ 47.55 रुपये पर बंद हुआ। इसके साथ ही कंपनी का कुल मार्केट कैप गिरकर 37,439 करोड़ रुपये रह गया है जबकि अपने पीक के समय कंपनी का मार्केट कैप 1.33 लाख करोड़ रुपये था। यानी निवेशकों को करीब 96,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

Zomato और Swiggy पर नहीं मिलेगा पिज्जा

इस बीच रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक Domino’s Pizza की पिच्चा फ्रेंचाइजी Zomato और स्विगी से कुछ बिजनस हटाने पर विचार कर सकती है। उसका कहना है कि अगर इन फूड डिलिवरी एप्स का कमीशन बढ़ता है तो वह इनसे बिजनस हटाने पर विचार करेगी। स्विगी में जापानी की कंपनी सॉफ्टबैंक का निवेश है। Jubilant FoodWorks भारत में Domino’s और Dunkin’ Donuts की चेन ऑपरेट करती है। उसके कंप्टीशन कमीशन ऑफ इंडिया को एक गोपनीय फाइलिंग में यह बात बताई है। जोमैटो और स्विगी पर एंटी-कंप्टीटिव प्रैक्टिसेज का आरोप है और सीसीआई इसकी जांच कर रहा है।

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