झंडेवाला देवी मंदिर में मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना, नवरात्र मेले में भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
महर्षि कात्यायन की तपस्या से जुड़ी है मां कात्यायनी के प्राकट्य की कथा, मंदिर में विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन

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मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना का विशेष धार्मिक महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने भगवती जगदंबा की प्राप्ति के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी इच्छा थी कि मां भगवती उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लें। उनकी प्रार्थना से प्रसन्न होकर मां दुर्गा ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया और मां कात्यायनी के नाम से विख्यात हुईं। मां कात्यायनी का वाहन सिंह है। मान्यता है कि मां के इस स्वरूप की आराधना करने से भक्तों को शक्ति, साहस और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इसी धार्मिक आस्था और श्रद्धा के साथ शारदीय नवरात्र के छठे दिन शक्तिपीठ झंडेवाला देवी मंदिर में मां कात्यायनी का भव्य श्रृंगार किया गया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर विभिन्न कीर्तन मंडलियों ने महामाई का गुणगान किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
भक्तों की सुविधा के लिए पेयजल और अन्य व्यवस्थाएं
नवरात्र मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं। दर्शन के लिए कतारों में खड़े भक्तों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। लंबी पंक्तियों में प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालुओं का उत्साह बनाए रखने के लिए मधुर भक्ति गीतों और संगीत की स्वर लहरियां लगातार गूंजती रहती हैं।
श्रद्धालुओं की स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के प्रवेश द्वारों तथा प्रत्येक जूता स्टैंड पर हाथों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था की गई है। मंदिर और मेला परिसर की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु स्वच्छ, शांत और पवित्र वातावरण में माता के दर्शन कर सकें।
महिलाओं को मेहंदी, भक्तों के लिए निःशुल्क चाय और शरबत
नवरात्र मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा के लिए भी विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक सैकड़ों महिलाओं को मेहंदी लगाई जा रही है। इसके अतिरिक्त भक्तों के लिए निःशुल्क चाय और शरबत के स्टॉल लगाए गए हैं। मदर डेयरी और अमूल डेयरी के स्टॉल पर भी श्रद्धालु उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को परिवहन संबंधी सुविधा देने के लिए मेट्रो स्टेशन से मंदिर तक निःशुल्क ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। इससे मेट्रो के माध्यम से पहुंचने वाले भक्तों को मंदिर तक आने-जाने में सुविधा मिल रही है।
सुबह चार बजे से रात 12 बजे तक हो रहा सीधा प्रसारण
झंडेवाला देवी मंदिर में नवरात्र के दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों को अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग किया जा रहा है। मंदिर में सुबह 4 बजे से रात 12 बजे तक होने वाले कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण मंदिर के यूट्यूब चैनल, वेबसाइट और फेसबुक के माध्यम से किया जा रहा है। इससे वे श्रद्धालु भी घर बैठे मां के दर्शन और धार्मिक आयोजनों से जुड़ पा रहे हैं, जो किसी कारणवश मंदिर नहीं पहुंच सकते।
छठे नवरात्र के अवसर पर सुबह 9 बजे से देर रात तक विभिन्न कीर्तन मंडलियों ने भजनों और भक्ति संगीत के माध्यम से महामाई का गुणगान किया। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।
सातवें दिन होगी मां कालरात्रि की पूजा
शारदीय नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों को भय और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्रदान करती हैं। नवरात्र के आगामी दिनों में भी झंडेवाला देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन, पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के साथ आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था जारी रहेगी।

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