लाल किले की लव कुश रामलीला में मनोज तिवारी बने केवट, चित्रकूट के भरत मिलाप ने दर्शकों को किया भावुक
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे, बोले—भारतीय संस्कृति और परंपरा की सशक्त प्रतीक हैं रामलीलाएं।

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रामायण में केवट प्रसंग भगवान श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा, निष्काम भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। जब पिता राजा दशरथ के वचन का पालन करते हुए प्रभु श्रीराम माता सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ वनवास के लिए निकले, तब गंगा नदी पार करने के लिए उन्हें केवट की सहायता लेनी पड़ी। केवट ने प्रभु श्रीराम को पहचानते हुए उनके चरण धोने की इच्छा व्यक्त की और फिर उन्हें गंगा पार कराया। इस प्रसंग में भक्ति और भगवान के प्रति प्रेम की ऐसी भावना दिखाई देती है, जिसमें धन-दौलत या पद का कोई महत्व नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा ही सर्वोपरि होती है। रामायण का यह प्रसंग आज भी भक्तों को विनम्रता, सेवा और निस्वार्थ प्रेम का संदेश देता है।
दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित देश-विदेश में विख्यात लव कुश रामलीला में केवट प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस दौरान प्रसिद्ध गायक, अभिनेता और सांसद मनोज तिवारी ने केवट की भूमिका निभाई। अपनी मधुर आवाज और गीतों के माध्यम से उन्होंने रामलीला के वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनके अभिनय और गायन ने दर्शकों को इस प्रसंग की भावनात्मक गहराई से जोड़ दिया।
मनोज तिवारी के अभिनय और गायन ने बांधा समां
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि रामलीला के मंचन के दौरान प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को गंगा पार कराने वाले केवट प्रसंग को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया। मनोज तिवारी ने केवट के चरित्र को अपनी गायकी और अभिनय के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से जीवंत किया। उनके गीतों और प्रस्तुति ने दर्शकों को भक्तिभाव से सराबोर कर दिया।
उन्होंने बताया कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इसके जरिए नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामायण के प्रेरणादायक प्रसंगों से परिचित कराया जाता है।
सुमंत की वापसी से भरत मिलाप तक भावुक हुए दर्शक
रामलीला में केवट प्रसंग के साथ सुमंत की वापसी, राजा दशरथ के देहावसान, भरत-कैकेयी संवाद और चित्रकूट में भरत मिलाप जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का भी मंचन किया गया। इन दृश्यों में परिवार के प्रति प्रेम, त्याग, कर्तव्य और मर्यादा का मार्मिक चित्रण देखने को मिला।
राजा दशरथ के देहावसान का प्रसंग दर्शकों के लिए भावुक क्षण लेकर आया, वहीं भरत और कैकेयी के संवाद में पारिवारिक संबंधों तथा कर्तव्य के बीच उत्पन्न द्वंद्व को दर्शाया गया। चित्रकूट में भरत मिलाप के दृश्य ने भाईचारे, त्याग और प्रभु श्रीराम के प्रति भरत की अटूट निष्ठा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
भरत मिलाप रामायण के सबसे भावनात्मक प्रसंगों में से एक है। इसमें भरत का अपने बड़े भाई श्रीराम के प्रति प्रेम और उन्हें अयोध्या वापस ले जाने का आग्रह देखने को मिलता है। वहीं, श्रीराम का पिता के वचन और धर्म के प्रति अडिग रहना मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्श चरित्र को उजागर करता है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे

लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, सांसद प्रवीण खंडेलवाल, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, सांसद एवं प्रसिद्ध कलाकार मनोज तिवारी तथा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने भी रामलीला का अवलोकन किया।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने रामलीला के मंचन और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों को समाज तक पहुंचाने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
रामलीलाएं भारतीय संस्कृति और परंपरा की सशक्त प्रतीक: नितिन नवीन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि रामलीलाएं भारतीय संस्कृति और परंपरा की सशक्त प्रतीक हैं। प्रभु श्रीराम का जीवन हमें आदर्श, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। उनके जीवन से सीख लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए और समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने अपने आचरण से यह संदेश दिया कि जीवन में कठिन परिस्थितियां आने पर भी सत्य, धर्म और मर्यादा का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। सभी को प्रभु श्रीराम के दिखाए मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए।
गणमान्य अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
लव कुश रामलीला कमेटी के महामंत्री सुभाष गोयल ने बताया कि कार्यक्रम के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित उपस्थित गणमान्य अतिथियों और सांसदों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस दौरान पवन गुप्ता, सत्यभूषण जैन, अखिल सिंघल, बृजमोहन गोयल सहित रामलीला कमेटी के अन्य पदाधिकारी और अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला के माध्यम से केवट प्रसंग, भरत मिलाप और अन्य भावनात्मक दृश्यों ने दर्शकों को भगवान श्रीराम के जीवन मूल्यों से जुड़ने का अवसर दिया। रामलीला का मंचन भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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