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नागपंचमी को पुरे 365 दिन में सिर्फ 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर मंदिर के कपाट  

उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्‍वर मंदिर के दूसरे तल पर श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर मंदिर स्थित है  

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मध्य प्रदेश की महाकाल की नगरी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्‍वर मंदिर में आने वाले सोमवार यानि 21 अगस्‍त 2023 को नागपंचमी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा, भारत के कौन-कौने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भागवान नागचन्‍द्रेश्‍वर के दर्शन के लिए आएंगे। नागपंचमी पर्व को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और श्रद्धालुओं के लिए सभी सुविधाओं की व्‍यापक व्यवस्था की है।
     जानकारी के लिए बता दें कि उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्‍वर मंदिर के दूसरे तल पर श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर मंदिर स्थित है इस मंदिर के कपाट साल में एक बार सिर्फ़ 24 घंटो के लिए नागपंचमी के दिन खोलें जाते हैं। इस दिन श्रद्वालु बड़ी संख्या में नागचन्‍द्रेश्‍वर मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ते हैं। हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा-अर्चना करने की परंपरा रही है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान शिव का आभूषण भी माना गया है।
     वंही श्री महाकालेश्‍वर मंदिर के गर्भगृह के उपर ओंकरेश्‍वर मंदिर और उसके भी शीर्ष पर श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर का मंदिर प्रतिष्‍ठापित है। श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर मंदिर में 11वीं शताब्‍दी की एक अद्भुत प्रतिमा स्‍थापित है, इस प्रतिमा में श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर स्‍वयं अपने 7 फनों से सुशोभित हो रखे हैं। साथ ही साथ में भगवान शिव और माता पार्वती के दोनों वाहन नंदी एवं सिंह(माता का शेर) भी विराजित है। मूर्ति में श्री गणेश की ललितासन मूर्ति, उमा के दांयी ओर कार्तिकेय की मूर्ति व उपर की ओर सूर्य-चन्‍द्रमां भी अंकित है। श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर की मूर्ति अपने आप में भव्‍य एवं कलात्‍मकता का उच्च उदहारण है। भगवान के गले और भुजाओं में भुजंग(सर्प) लिपटे हुए है। जानकारी के मुताबिक यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। ऐसी मान्‍यता है कि, उज्‍जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है।
     रविवार यानि 20 अगस्‍त 2023 की रात्रि 12 बजे श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर मंदिर के कपाट खुलेंगे। कपाट खुलने के बाद रात 12 बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ ही आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में दर्शन व्यवस्था शुरू हो जाएगी इसके साथ ही नागचन्‍द्रेश्‍वर महादेव के लगातार 24 घंटे तक दर्शन की व्यवस्था चालू रहेगी। इसके बाद सोमवार रात 12 बजे नागचन्‍द्रेश्‍वर मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे।
     नागपंचमी के पवित्र पर्व पर भगवान श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर की त्रिकाल पूजा होगी। जिसमें रविवार 20 अगस्‍त की मध्यरात्रि 12 बजे कपाट खुलने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाडे के महंत श्री विनितगिरी जी महाराज एवं श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति कलेक्‍टर एवं अध्‍यक्ष श्री कुमार पुरुषोत्तम द्वारा प्रथम पूजन व अभिषेक किया‍ जाएगा।
     श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा सोमवार 21 अगस्‍त को ही श्री महाकालेश्‍वर भगवान महाकल की सायं आरती के पश्‍चात श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर भगवान की पूजन-आरती श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी एवं पुरोहितों के द्वारा की जाएगी।
-ओम कुमार
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