दिल्ली-NCRदेश (National)ब्रेकिंग न्यूज़शिक्षा/रोजगार (Education/Job)
NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री का बड़ा फैसला, कहा- छात्रों का भविष्य सर्वोपरि
NEET पेपर लीक विवाद के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को भेजा इस्तीफा, छात्रों को लिखा भावुक पत्र

👆भाषा ऊपर से चेंज करें
-ओम कुमार
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भेज दिया। नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में और देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों का पिछले कई दिनों से विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन चल रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा हिस्सा ले रहे हैं। छात्रों की पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी। धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई को अपने मंत्रिपद से इस्तीफा दे दिया।
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना के साथ एक पत्र देश छात्र और युवाओं के लिए लिखा। पत्र में लिखते हुए कहा कि ”मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं।”
उन्होंने आगे लिखते हुए कहा कि ”किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।”
धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखते हुए कहा कि “जंतर मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी लाभ न उठाएं। देश की एकता बनी रही भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें। इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री को भेज दिया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने इस दौरान प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “लोग कहते थे-इस सरकार में इस्तीफा नहीं होता। लेकिन इस्तीफा हुआ। झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”
और अधिक खबरें पढ़ने के लिए यहां Click करें।
आप चाहें तो अपने मोबाइल पर Play Store से हमारा DAINIK INDIA 24X7 ऐप्प डाउनलोड कर सकते हैं।

Stay Updated with Dainik India 24×7!
Follow us for real-time updates:




