देश (National)ब्रेकिंग न्यूज़शिक्षा/रोजगार (Education/Job)

NIOS ने आशा प्रमाणन कार्यक्रम पर आयोजित किया दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण, 10 लाख आशा कार्यकर्ताओं के प्रमाणन का लक्ष्य

22 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित आशा प्रमाणन कार्यक्रम को प्रभावी, पारदर्शी और एकरूप बनाने पर जोर, अधिकारियों को मिला तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रशिक्षण।

👆भाषा ऊपर से चेंज करें

ओमकुमार

नोएडा। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC) के संयुक्त तत्वावधान में आशा प्रमाणन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में आशा प्रमाणन कार्यक्रम के प्रभावी, पारदर्शी और एकरूप क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की क्षमता का विकास करना तथा कार्यक्रम के प्रशासनिक, शैक्षणिक और तकनीकी पहलुओं पर साझा समझ विकसित करना रहा।

कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में एनआईओएस के निदेशक (व्यावसायिक शिक्षा) डॉ. तारकेश्वर नाथ गिरि ने कहा कि संस्थान “स्वाध्याय से स्वावलम्बन” की भावना के साथ आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान, कौशल और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि आशा प्रमाणन कार्यक्रम वर्तमान में 22 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित किया जा रहा है। अब तक 2.27 लाख से अधिक आशा कार्यकर्ताओं का पंजीकरण और 1.65 लाख से अधिक आशा कार्यकर्ताओं का सफलतापूर्वक प्रमाणन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आगामी चरण में 10 लाख आशा कार्यकर्ताओं के प्रमाणन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उद्घाटन सत्र की मुख्य वक्ता राष्ट्रीय जैविक संस्थान की निदेशक डॉ. नीलिमा मिश्रा ने कहा कि आशा कार्यकर्ता देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की अग्रिम पंक्ति हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित प्रमाणन प्रणाली से आशा कार्यकर्ताओं की दक्षता, पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने इसे “स्वस्थ भारत” के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश बताया।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC) के सलाहकार पंकज शाह ने आशा प्रमाणन कार्यक्रम के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधानों पर विस्तार से चर्चा की। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश के वरिष्ठ संयुक्त निदेशक डॉ. राकेश बोहरे ने अनुभवों के आदान-प्रदान और सतत अधिगम को कार्यक्रम की सफलता का आधार बताया।

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को कार्यक्रम के शैक्षणिक, तकनीकी एवं संचालन संबंधी विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया, जिससे कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में स्पष्ट समझ विकसित हो सके।

समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए एनआईओएस के अध्यक्ष प्रो. अखिलेश मिश्रा ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं का सुदृढ़ प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण प्रमाणन देश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एनआईओएस और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र का संयुक्त प्रयास स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आशा कार्यकर्ताओं के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पारदर्शी प्रमाणन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों से अपने-अपने राज्यों में आशा प्रमाणन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान किया गया। साथ ही सभी विशेषज्ञों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

और अधिक खबरें पढ़ने के लिए यहां Click करें।
आप चाहें तो अपने मोबाइल पर Play Store से हमारा DAINIK INDIA 24X7 ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।
🌟 Stay Updated with Dainik India 24×7!

Get the latest news on politics, entertainment, sports, and more right at your fingertips!

👉 Follow us for real-time updates:

Join our community and stay informed!
Tags

Related Articles

Back to top button
Close