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आराम बाग पूजा समिति को मिला ‘देवी शक्ति सम्मान 2026’, सामाजिक योगदान के लिए हुआ सम्मानित
सामाजिक प्रभाव एवं सामुदायिक सहभागिता श्रेणी में मिली पहचान, दुर्गा पूजा के माध्यम से एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के प्रयासों का सम्मान।

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दिल्ली की आराम बाग पूजा समिति को सामाजिक प्रभाव एवं सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘देवी शक्ति सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया है। पी. सी. चंद्रा ज्वेलर्स द्वारा रिपब्लिक के सहयोग से आयोजित इस सम्मान समारोह में समिति ने दिल्ली के विजेताओं में स्थान हासिल किया। यह सम्मान दुर्गा पूजा के माध्यम से सामाजिक जुड़ाव, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने में समिति की भूमिका को रेखांकित करता है।
सामाजिक प्रभाव एवं सामुदायिक सहभागिता श्रेणी में मिला सम्मान

आराम बाग पूजा समिति को ‘देवी शक्ति सम्मान 2026’ के अंतर्गत ‘सामाजिक प्रभाव एवं सामुदायिक सहभागिता’ (Social Impact & Community Engagement) श्रेणी में यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। यह उपलब्धि समिति के साथ-साथ दुर्गा पूजा आयोजन से जुड़े समस्त समुदाय के लिए गर्व का विषय है।
यह सम्मान दर्शाता है कि दुर्गा पूजा जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन केवल आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों को एक साथ जोड़ने, आपसी सहयोग बढ़ाने और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
आयोजकों, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं के सामूहिक प्रयासों को पहचान
समिति के लिए यह सम्मान उन सभी आयोजकों, स्वयंसेवकों, सहयोगियों और श्रद्धालुओं के सामूहिक योगदान की पहचान है, जिनकी सक्रिय भागीदारी से दुर्गा पूजा आयोजन को सामुदायिक एकता और आपसी सहयोग का स्वरूप मिलता है।
आराम बाग पूजा समिति का आयोजन विभिन्न लोगों को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहां आस्था, संस्कृति और सामाजिक जुड़ाव के माध्यम से सामुदायिक संबंधों को मजबूती मिलती है। इस तरह के आयोजन स्थानीय समुदाय में अपनेपन की भावना विकसित करने और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक बना दुर्गा पूजा आयोजन
‘देवी शक्ति सम्मान 2026’ के तहत मिला यह पुरस्कार आराम बाग पूजा समिति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान दुर्गा पूजा की उस व्यापक भूमिका को उजागर करता है, जिसके माध्यम से लोग धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सहभागी बनते हैं।
समिति से जुड़े लोगों के सामूहिक प्रयासों को मिली यह पहचान भविष्य में भी सामुदायिक सहभागिता, सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रेरणा प्रदान करेगी। यह उपलब्धि आयोजन से जुड़े सभी लोगों के योगदान और सामूहिक भावना का सम्मान है।
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