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Ashok Vihar Ramlila 2026: लक्ष्मण मूर्छा, अंगद-रावण संवाद और हनुमान-मेघनाद युद्ध ने मोहा मन

लक्ष्मण शक्ति प्रसंग के साथ रामायण के प्रमुख दृश्यों का भव्य मंचन, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद सहित कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

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नई दिल्ली। रामायण में लक्ष्मण मूर्छा का प्रसंग भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के बीच अटूट प्रेम, भ्रातृभाव, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। लंका युद्ध के दौरान जब मेघनाद ने शक्तिबाण चलाकर लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया, तब भगवान श्रीराम अपने प्रिय अनुज की स्थिति देखकर अत्यंत व्याकुल हो उठे। लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा के लिए हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने हिमालय पहुंचे। उनके इस अद्भुत पराक्रम और सेवाभाव ने रामायण के इस प्रसंग को विशेष महत्त्व प्रदान किया है। यह प्रसंग आज भी भाईचारे, कर्तव्य और निस्वार्थ सेवा की प्रेरणा देता है।

इसी भावनात्मक और रोमांचक प्रसंग का प्रभावशाली मंचन अशोक विहार रामलीला कमेटी फेज-1 की रामलीला में देखने को मिला। अंगद-रावण संवाद, हनुमान-मेघनाद संवाद, अशोक वाटिका में सीता और रावण के बीच संवाद तथा लक्ष्मण शक्ति प्रसंग ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।

अंगद ने रावण को दी प्रभु श्रीराम से क्षमा मांगने की सलाह

अशोक विहार रामलीला कमेटी फेज-1 के प्रधान ललित गर्ग एवं महामंत्री विमल प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि रामलीला के दौरान रावण के दरबार में अंगद द्वारा उसे प्रभु श्रीराम से क्षमा मांगने और माता सीता को सम्मानपूर्वक वापस लौटाने के लिए प्रेरित करने का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। अंगद ने अपने संवादों के माध्यम से रावण को उसके अहंकार के दुष्परिणामों से अवगत कराया और धर्म के मार्ग पर लौटने का संदेश दिया।

रावण और अंगद के बीच हुए संवाद में भारतीय संस्कृति, संस्कार, मर्यादा और नैतिक मूल्यों की झलक देखने को मिली। खास बात यह रही कि नई पीढ़ी, विशेषकर जेन-जी के युवाओं ने भी इस प्रसंग को काफी दिलचस्पी के साथ सुना। संवादों के माध्यम से सत्य, धर्म और अहंकार के बीच के अंतर को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

हनुमान-मेघनाद संवाद और अशोक वाटिका का दृश्य बना आकर्षण

रामलीला में हनुमान और मेघनाद के बीच संवाद तथा संघर्ष ने दर्शकों में खास उत्साह पैदा किया। वहीं अशोक वाटिका में रावण द्वारा माता सीता को भयभीत करने और उनके साथ संवाद करने के दृश्य ने रामायण की कथा को जीवंत बना दिया। माता सीता की दृढ़ता और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का चित्रण दर्शकों को प्रभावित करने वाला रहा।

लक्ष्मण शक्ति प्रसंग में आधुनिक तकनीक ने बढ़ाया रोमांच

रामलीला कमेटी के प्रेरक अशोक गुप्ता एवं चेयरमैन डॉ. एस. सी. गुप्ता ने बताया कि लक्ष्मण शक्ति प्रसंग और लक्ष्मण-कुंभकरण के भीषण युद्ध का मंचन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। मेघनाद द्वारा लक्ष्मण को शक्तिबाण से मूर्छित करने के दृश्य ने वातावरण को भावुक बना दिया।

मंचन के दौरान अग्निबाण, वर्षाबाण तथा आकाश लोक और पाताल लोक से जुड़े दृश्यों को कंप्यूटरीकृत तकनीक और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। रावण की प्रभावशाली आवाज, ध्वनि प्रभावों और रंगमंचीय प्रस्तुतियों ने युद्ध के दृश्यों को और अधिक रोमांचक बना दिया। आधुनिक तकनीक और पारंपरिक रामलीला के समन्वय ने दर्शकों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया।

लक्ष्मण के मूर्छित होने का दृश्य जहां दर्शकों को भावुक कर गया, वहीं युद्ध के दौरान दिखाई गई विशेष प्रकाश व्यवस्था और दृश्य प्रभावों ने मंचन की भव्यता को बढ़ाया।

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने किया रामलीला का अवलोकन

अशोक विहार रामलीला कमेटी फेज-1 की इस भव्य प्रस्तुति का अवलोकन करने दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद भी पहुंचे। इस अवसर पर स्थानीय विधायक और निगम पार्षद भी मौजूद रहे। रामलीला के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से कलाकारों ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था, मर्यादा और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया।

अंगद-रावण संवाद से लेकर लक्ष्मण शक्ति प्रसंग तक, अशोक विहार की रामलीला में परंपरा, संदेश और आधुनिक तकनीक का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों को रामायण की कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।

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