झण्डेवाला देवी मंदिर में मां कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
शारदीय नवरात्र के सातवें दिन हुआ मां का भव्य श्रृंगार, प्रतिदिन करीब एक लाख भक्त कर रहे दर्शन; भजन-कीर्तन और निशुल्क सेवा से भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर।

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शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। मां कालरात्रि को दुष्टों का विनाश करने वाली, भय से मुक्ति दिलाने वाली और अपने भक्तों को शुभ फल प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां का स्वरूप अत्यंत उग्र और भयावह है, लेकिन वे अपने भक्तों के लिए कल्याणकारी और अभय प्रदान करने वाली हैं। मान्यता है कि मां कालरात्रि की आराधना से नकारात्मक शक्तियों, भय और संकटों से मुक्ति मिलती है। इसी कारण मां के इस स्वरूप को संकटों का नाश करने वाली और भक्तों के कष्ट हरने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।
शारदीय नवरात्र के सातवें दिन नई दिल्ली स्थित आदि शक्तिपीठ झण्डेवाला देवी मंदिर में मां दुर्गा के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर मां का विशेष श्रृंगार किया गया और श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ महामाई के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
मां कालरात्रि की आराधना से मिलता है शुभ फल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि का स्वरूप बुराई और आसुरी शक्तियों के विनाश का प्रतीक है। मां के स्मरण मात्र से दुष्ट, दानव, दैत्य और नकारात्मक शक्तियां भयभीत होकर दूर भाग जाती हैं। मां अपने उपासकों को भयमुक्त जीवन, साहस और शुभ फल प्रदान करती हैं। नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा विशेष रूप से भय, बाधाओं और संकटों से मुक्ति की कामना के साथ की जाती है।
झण्डेवाला देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
नवरात्र के अवसर पर झण्डेवाला देवी मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, प्रतिदिन लगभग एक लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। भक्तों की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए हजारों सेवादार तथा कर्मचारी लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ताकि दर्शन, पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक गतिविधियां सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निशुल्क मेहंदी लगाने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही चाय और शरबत की सेवा भी उपलब्ध कराई जा रही है। मदर डेयरी और अमूल डेयरी के स्टालों पर भी भक्तों को विभिन्न सुविधाएं मिल रही हैं। श्रद्धालु इन सेवाओं का भरपूर लाभ उठा रहे हैं।
भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर
मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना के अवसर पर मंदिर में विभिन्न भजन-कीर्तन मंडलियों ने महामाई का गुणगान किया। सुबह से लेकर देर रात तक भक्ति गीतों और भजनों से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए और भजन-कीर्तन में शामिल होकर आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया।
मंदिर में प्रतिदिन की तरह सुबह 9 बजे से देर रात तक विभिन्न कीर्तन मंडलियों द्वारा मां की महिमा का गुणगान किया गया। इसके अतिरिक्त, सुबह 4 बजे से रात्रि 12 बजे तक मंदिर में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण झण्डेवाला देवी मंदिर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल, वेबसाइट और फेसबुक पेज पर किया गया। इससे मंदिर नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं को भी घर बैठे मां की पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़ने का अवसर मिला।
अतिरिक्त नवरात्र के कारण कल भी होगी मां कालरात्रि की पूजा
इस वर्ष नवरात्र में एक अतिरिक्त दिन होने के कारण अगले दिन भी मां के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना विधि-विधान से की जाएगी। मंदिर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा, श्रृंगार और अन्य अनुष्ठान संपन्न होंगे। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए मंदिर के सेवादार एवं कर्मचारी निरंतर सेवाएं दे रहे हैं।
झण्डेवाला देवी मंदिर में नवरात्र के दौरान भक्ति, श्रद्धा और सेवा का विशेष संगम देखने को मिल रहा है। मां कालरात्रि की आराधना के साथ श्रद्धालु अपने जीवन से दुखों और संकटों के निवारण तथा सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

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