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लाल किला मैदान में 200 फीट की ऊंचाई पर जटायु-रावण युद्ध, रोमांचित हुए हजारों रामभक्त
लव कुश रामलीला में सूर्पनखा प्रसंग, खर-दूषण वध और सीता हरण का भव्य मंचन; केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाईक ने किया लीला का अवलोकन

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रामायण में सूर्पनखा प्रसंग और जटायु-रावण युद्ध भगवान श्रीराम की लीलाओं के ऐसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं, जो अधर्म के अहंकार और धर्म की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष को दर्शाते हैं। पंचवटी में सूर्पनखा के आगमन और उसके बाद खर-दूषण वध की घटना से घटनाक्रम आगे बढ़ता है। इसके बाद रावण छलपूर्वक माता सीता का हरण कर लेता है। सीता को बचाने के लिए पक्षीराज जटायु रावण से भीषण युद्ध करते हैं। अपनी पूरी शक्ति लगाने के बावजूद जटायु घायल होकर धरती पर गिर पड़ते हैं। भगवान श्रीराम को माता सीता के हरण की जानकारी देने और उनके प्रति अपनी निष्ठा निभाने वाला यह प्रसंग रामायण के सबसे भावुक और प्रेरणादायक दृश्यों में शामिल है।

इन्हीं प्रसंगों को दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित विख्यात लव कुश रामलीला कमेटी की रामलीला में भव्य और रोमांचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। विशेष रूप से करीब 200 फीट से अधिक की ऊंचाई पर आकाश में जटायु और रावण के बीच युद्ध के दृश्य ने हजारों रामभक्तों को अचंभित कर दिया। आधुनिक तकनीक, रोमांचक एक्शन और दमदार आठ-ट्रैक साउंड सिस्टम के साथ प्रस्तुत इस दृश्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
200 फीट की ऊंचाई पर जटायु-रावण युद्ध बना आकर्षण का केंद्र
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि जब आकाश में 200 फीट से अधिक की ऊंचाई पर जटायु और रावण के बीच भीषण युद्ध का दृश्य प्रस्तुत किया गया, तो लीला स्थल पर मौजूद हजारों दर्शक रोमांचित हो उठे। युद्ध के एक्शन दृश्यों और दमदार ध्वनि प्रभावों ने वातावरण को जीवंत बना दिया।
इस दौरान बड़ी संख्या में रामभक्त अपने मोबाइल फोन के कैमरों से इस अद्भुत दृश्य को कैद करते नजर आए। पूरे मैदान में मोबाइल कैमरों की चमक दिखाई दे रही थी। जटायु और रावण के बीच आकाश में हुए इस युद्ध ने रामलीला देखने पहुंचे दर्शकों के लिए यादगार अनुभव प्रस्तुत किया।
अगस्त्य मुनि से भेंट से लेकर जटायु मोक्ष तक का मंचन
अर्जुन कुमार ने बताया कि रामलीला में अगस्त्य मुनि से भेंट, पंचवटी में जयंत प्रसंग, सूर्पनखा प्रसंग, खर-दूषण वध, सीता हरण और जटायु मोक्ष तक की महत्वपूर्ण लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। प्रत्येक प्रसंग को प्रभावशाली संवादों, आकर्षक मंच सज्जा और रोमांचक दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने बताया कि इन सभी एक्शन और स्टंट दृश्यों को मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के अनुभवी एक्शन निर्देशक की निगरानी में तैयार किया गया। इसका उद्देश्य रामायण के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को आधुनिक तकनीक और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों के सामने जीवंत करना था।
केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाईक ने किया रामलीला का अवलोकन
कमेटी के महामंत्री सुभाष गोयल ने बताया कि केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाईक भी लाल किला मैदान में आयोजित रामलीला में पहुंचे और विभिन्न लीलाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर कमेटी की ओर से उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पवन गुप्ता, सत्यभूषण जैन, अखिल सिंघल, बृजमोहन गोयल, अंकुर गोयल और गौरव सूरी सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी तथा अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला में पारंपरिक धार्मिक प्रसंगों को आधुनिक तकनीक, भव्य दृश्य संयोजन और रोमांचक एक्शन के साथ प्रस्तुत करने की परंपरा ने एक बार फिर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से जटायु-रावण युद्ध का आकाशीय दृश्य इस आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा।
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