सत्य निकेतन इमारत हादसे पर डॉ. दयानंद वत्स ने जताया दुख, सुरक्षित भवन व्यवस्था की मांग
केंद्र और दिल्ली सरकार से छात्रों के लिए सुरक्षित एवं किफायती सरकारी पीजी और छात्रावास बनाने की अपील।

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दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के जमींदोज होने से हुए जान-माल के नुकसान पर नेशनल चाइल्ड एंड ह्यूमन डेवलपमेंट चैरिटेबल ट्रस्ट, नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों को बेहतर और तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
डॉ. वत्स ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में भवन सुरक्षा को लेकर अधिक गंभीर और प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता है। जर्जर इमारतों की समय पर पहचान, भवन निर्माण नियमों का पालन तथा बिना आवश्यक अनुमति के संचालित होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में पीजी और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान आवासीय इमारतों में संचालित हो रहे हैं। ऐसे भवनों की नियमित सुरक्षा जांच और उनका उद्देश्य, लाइसेंस तथा आवश्यक अनुमतियों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए लगातार सर्वे किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि संबंधित एजेंसियां केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय नियमित और सक्रिय निगरानी तंत्र विकसित करें।
डॉ. वत्स ने कहा कि दिल्ली में कई सरकारी एजेंसियां भवन सुरक्षा और निर्माण से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी निभाती हैं। ऐसे में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जवाबदेही स्पष्ट करना जरूरी है। स्थानीय आरडब्ल्यूए और नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई की व्यवस्था भी मजबूत की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भवन सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों की जिंदगी और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए नियमों के प्रभावी पालन के साथ-साथ लोगों में भी सुरक्षित भवनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
सत्य निकेतन हादसे में इमारत में पीजी संचालित होने और छात्रों के रहने की जानकारी पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. वत्स ने केंद्र और दिल्ली सरकार से सरकारी पीजी एवं छात्रावासों के निर्माण की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा और रोजगार के लिए आते हैं। उन्हें सुरक्षित, किफायती और मानक सुविधाओं वाले आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
डॉ. वत्स ने उम्मीद जताई कि सत्य निकेतन हादसे से सबक लेते हुए संबंधित एजेंसियां दिल्ली में भवन सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करेंगी और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाएंगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित भवन और सुरक्षित आवास हर नागरिक का अधिकार है, और इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार, प्रशासन तथा नागरिक समाज को मिलकर काम करना चाहिए। -डॉ. दयानंद वत्स भारतीय (शिक्षाविद्)

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