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रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के कल्याण के लिए BRMGSU की नई पहल

नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशिक्षण और सामाजिक सुरक्षा के जरिए श्रमिकों को मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी

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भारतीय रेलवे के माल गोदाम (Goods Shed) श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक रोजगार और समग्र कल्याण की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक यूनियन (बीआरएमजीएसयू) ने एक व्यापक राष्ट्रीय रोडमैप की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि उसका लक्ष्य केवल श्रमिकों की समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाएं, विधिक सहायता और सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराकर एक सशक्त एवं संगठित श्रमिक व्यवस्था विकसित करना है।

 

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बीआरएमजीएसयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष परिमल कांति मंडल ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नई श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार से असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन श्रमिक हितैषी पहलों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में ट्रेड यूनियनों की महत्वपूर्ण भूमिका है और बीआरएमजीएसयू इसी दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे के विभिन्न माल गोदामों में लाखों श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग दो लाख श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा चुका है। प्रथम चरण के पात्र श्रमिकों की सूची संबंधित सरकारी विभागों को सौंप दी गई है और नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र सहित अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं जारी हैं। मंडल ने उम्मीद जताई कि यदि सरकारी औपचारिकताएं समय पर पूरी होती हैं तो बड़ी संख्या में श्रमिकों को दुर्गा पूजा से पहले नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल ट्रेड यूनियन चलाना नहीं, बल्कि ऐसा राष्ट्रीय श्रमिक आंदोलन खड़ा करना है, जो प्रत्येक माल गोदाम श्रमिक और उसके परिवार को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, विधिक सहायता तथा सम्मानजनक जीवन से जोड़ सके। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो तथा ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी) के महासचिव एस.पी. तिवारी के सहयोग की भी सराहना की।

प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय महासचिव इंदु शेखर चक्रवर्ती, राष्ट्रीय संयोजक काशीनाथ गायेनविश्वजीत घोष सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय संयोजक काशीनाथ गायेन ने बताया कि देशभर में राज्य, जोनल, मंडल और शाखा स्तर पर संगठनात्मक समितियों का गठन किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक रेलवे गुड्स शेड में वर्कर हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां श्रमिकों को ईपीएफईएसआईसी, ई-श्रम पंजीकरण, नियुक्ति पत्र, कानूनी सहायता, स्वास्थ्य जांच, टेलीमेडिसिन, छात्रवृत्ति, कौशल उन्नयन और रोजगार सहायता जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

राष्ट्रीय महासचिव इंदु शेखर चक्रवर्ती ने बताया कि प्रथम चरण में नई श्रम संहिताओं, श्रम कानूनों, सामाजिक सुरक्षा, कार्यस्थल सुरक्षा, निर्धारित वेतन, औद्योगिक अनुशासन, ऑटोमेशन और कौशल विकास पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। वहीं विश्वजीत घोष ने जानकारी दी कि संगठन के प्रतिनिधि वर्तमान में वी.वी. गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान में मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, ताकि देशभर में श्रमिकों को प्रभावी प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा सकें।

बीआरएमजीएसयू का मानना है कि इस राष्ट्रीय पहल से रेलवे माल गोदामों में कार्यरत लाखों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा।

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