भोपाल में श्रीकृष्ण महारास लीला ने बांधा समां
ब्रह्माकुमारीज की भव्य प्रस्तुति में दिखीं कृष्ण जन्म से गीता उपदेश तक की झलकियां, आज जल संवर्धन अभियान पर विशेष कार्यक्रम

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संवाददाता, भोपाल:
नववर्ष मेला महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में गुरुवार को भक्ति और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। ईश्वरीय ब्रह्माकुमारीज द्वारा प्रस्तुत श्री कृष्ण लीला महारास ने दर्शकों को आध्यात्मिक वातावरण में डुबो दिया।
मधुवन की रासलीलाओं से लेकर मथुरा में कंस वध तक की झलकियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “मधुवन में कान्हा किसी गोपी से मिले, राधा कैसे न जले…” जैसे भावपूर्ण प्रसंगों पर आधारित इस प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया।
बीके डॉ. रीना दीदी के निर्देशन में कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं, कंस के अत्याचारों के अंत और गीता उपदेश तक की प्रमुख घटनाओं का जीवंत मंचन किया। नृत्य और संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से दर्शक मानो मथुरा और वृंदावन की गलियों में पहुंच गए।
इस अवसर पर मेला समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता और संयोजक कैलाश मिश्रा ने कलाकारों को सम्मानित किया।
आज जल संवर्धन अभियान पर विशेष प्रस्तुति
मेला समिति के महासचिव अजय अग्रवाल ने जानकारी दी कि टीटी नगर दशहरा मैदान में 1 अप्रैल से लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार, 17 अप्रैल को वीर भारत न्यास के सहयोग से मध्यप्रदेश शासन के जल संवर्धन अभियान पर आधारित विशेष प्रस्तुति आयोजित की जाएगी।
भोपाल की पहचान बनेगा ग्रीष्मकालीन मेला
मेला संयोजक कैलाश मिश्रा ने बताया कि हिंदू नववर्ष से शुरू हुआ यह मेला भविष्य में भोपाल की पहचान बनेगा। पहले ही वर्ष में यह आयोजन मनोरंजन, कला-संस्कृति और व्यापार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
सह-संयोजक वैभव सिंह सिसोदिया के अनुसार मेला अब अपने अंतिम चरण में है, जहां दर्शकों के लिए आकर्षक ऑफर्स दिए जा रहे हैं। मेले में सभी झूलों पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जिसका लोग भरपूर आनंद ले रहे हैं।

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