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IITF: दिल्ली वालों को लुभा रहा छत्तीसगढ़ी डोकरा आर्ट और बस्तर आर्ट

दिल्ली वालों को लुभा रहा छत्तीसगढ़ी डोकरा आर्ट और बस्तर आर्ट से बने हुए घर के सजावटी सामान

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सरस आजीविका मेला में पारंपरिक कलाओं को देखने व खरीदने आ रहे लोग। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की कोंडागांव जिला के छोटे राजपुर गांव से आईं पवित्रा एसएचजी ग्रुप की परमीला मरकाम व अनंत राम मरकाम बताती हैं कि 12 लोग हमारे एसएचजी में हैं। लगभढ़ चार पीढियों से बस्तर आर्ट के तहत घर को डेकोरेट करने वाली सामान बनाती हैं। और दिल्ली वालों के लिए वो बस्तर आर्ट की बनी हुई दिया, सुरजमुखी, चांद-सूरज, हेंगर, मड़िया-माड़ी (लव बर्ड्स) तराजू, नाविक, हिरण, जैसे सामान बनाती हैं। बस्तर आर्ट लगभग पांच हजार साल पुराना आर्ट है जो कि रॉट आयरन से बनाया जाता है। यह आप को सरस पैवेलियन में 39 नंबर स्टॉल पर मौजूद हैं जहां से आप खरीदारी कर सकते हैं।
इसी तरह 38 नंबर स्टॉल पर भी छत्तीसगढ़ी डोकरा आर्ट जो कि ब्रास मेटल के बनाए जाते हैं, यहां पर भी आप को घर को सजाने के लिए सामान मिल जाएगा। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से आईं एकताल गांव से आई हुईं सहोदरा स्वयं सहायता समूह की बुधियारिन बाई बताती हैं कि हमारे एसएचजी में 12 लोग हैं। यहां आप को पीतल या ब्रास से बने घर के सजावटी आयटम के लिए मड़िया-माड़ी, हिरण, नंदी, कछुआ, म्युजिशियन, राधा-कृष्ण की जाली, नौका, गाय बछड़ा जैसे सजावटी सामान उपलब्ध हैं। यहां आप को दस रुपये से लेकर पचास हजार तक के सामान उपलब्ध हैं। ज्ञात हो कि बुधियारिन बाई स्टेट अवार्डी रह चुकी हैं वहीं उनके पति उदय राम राष्ट्रपति अवार्डी रह चुके हैं।
ज्ञात हो कि दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 41वें विश्व व्यापार मेले में एक बार फिर परंपरा, क्राफ्ट, कला एवं संस्कृति  से सराबोर “वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल” थीम के साथ, 14 नवंबर से 27 नवंबर तक प्रसिद्ध सरस आजीविका मेला 2022 (Saras Aajeevika Fair 2022) का आयोजन किया जा रहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) द्वारा आयोजित इस सरस आजीविका मेला 2022 में ग्रामीण भारत की शिल्पकलाओं का मुख्य रूप से प्रदर्शन किया जा रहा है। 14 नवंबर से 27 नवंबर तक चलने वाले इस उत्सव में 300 के करीब महिला शिल्प कलाकार, 150 के करीब स्टॉलों पर अपनी अपनी उत्कृष्ट प्रदर्शनी का प्रदर्शन करेंगे।
सरस आजीविका मेला के दौरान देश भर के 24 राज्यों के हजारों उत्पादों की प्रदर्शनी(exhibition) और बिक्री होगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा यह एक मुहिम की शुरुआत की गई है जिससे कि हमारे देश के हस्तशिल्पियों और हस्तकारों को कोरोना के बाद एक बार फिर से अपना रोजगार शुरु करने का मौका मिल सके।
-ओम कुमार
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