अशोक विहार रामलीला में सीता हरण और शबरी-राम मिलन का भावपूर्ण मंचन, आधुनिक तकनीक ने मोहा मन
रावण-जटायु संवाद और शबरी की भक्ति के दृश्यों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध, विनय सहस्रबुद्धे, रविंद्र इंद्राज और संबित पात्रा ने किया रामलीला का अवलोकन

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रामायण में सीता हरण और भगवान श्रीराम की शबरी से भेंट ऐसे प्रसंग हैं, जो धर्म, भक्ति, त्याग और प्रेम की गहरी सीख देते हैं। माता सीता के हरण के समय रावण छलपूर्वक उन्हें अपने साथ ले जाता है। इस दौरान पक्षीराज जटायु माता सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करते हैं और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की परवाह नहीं करते। वहीं, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम की शबरी से भेंट निष्काम भक्ति और सच्चे प्रेम का प्रतीक है। शबरी अपने आराध्य के स्वागत में वर्षों तक प्रतीक्षा करती हैं और उन्हें प्रेमपूर्वक बेर अर्पित करती हैं। ये प्रसंग बताते हैं कि सच्ची भक्ति में जाति, वर्ग और सामाजिक भेदभाव का कोई स्थान नहीं होता।
इन्हीं प्रेरणादायी प्रसंगों का अशोक विहार रामलीला कमेटी फेज-1 में भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से सीता हरण, जटायु-रावण संवाद और शबरी-राम मिलन के दृश्यों को जीवंत कर दिया। मंचन देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। विशेष रूप से युवाओं और बच्चों ने इन दृश्यों में गहरी रुचि दिखाई।
रावण द्वारा सीता हरण और जटायु-रावण संवाद बना आकर्षण
अशोक विहार रामलीला कमेटी फेज-1 के कार्यकारी प्रधान डॉ. महेंद्र नागपाल एवं ललित गर्ग तथा मंच अध्यक्ष चंद्र बलवानी ने बताया कि रामलीला के दौरान रावण द्वारा माता सीता को आकाशलोक में बादलों के बीच ले जाने का दृश्य बेहद आकर्षक रहा। इसी दौरान जटायु का रास्ते में आना और रावण के साथ उनका संवाद दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना।
जटायु द्वारा माता सीता की रक्षा के लिए रावण का सामना करने के प्रसंग ने दर्शकों को धर्म और कर्तव्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय और मंच पर तैयार किए गए दृश्यों ने पूरे प्रसंग को जीवंत बना दिया।
शबरी की भक्ति और श्रीराम के प्रति प्रेम ने जीता दर्शकों का दिल
रामलीला कमेटी के चेयरमैन अनिल गुप्ता, कोषाध्यक्ष प्रमोद कोहली और संयोजक विमल प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि भगवान श्रीराम और माता शबरी की भेंट का दृश्य अत्यंत भावपूर्ण रहा। शबरी द्वारा प्रभु श्रीराम का आदर-सत्कार करना और उन्हें प्रेमपूर्वक बेर खिलाने के प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
इसके साथ ही लक्ष्मण के मूर्छित होने, शबरी की सेवा-भावना और भगवान के आगमन की प्रतीक्षा करती दासी से जुड़े दृश्यों का भी मंचन किया गया। कलाकारों ने इन प्रसंगों के माध्यम से प्रेम, सेवा, त्याग और अटूट विश्वास का संदेश दिया। मंच पर प्रस्तुत भावनात्मक दृश्यों को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
आधुनिक तकनीक और रंगीन रोशनी ने बढ़ाई मंचन की भव्यता
अशोक विहार रामलीला में इस बार आधुनिक तकनीक और प्रकाश व्यवस्था का विशेष उपयोग किया गया। मंचन को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए रंगीन प्रकाश प्रभाव, स्ट्रोब लाइट, एलईडी लाइट, लेजर लाइट और लाइट कंट्रोलर का इस्तेमाल किया गया।
बादलों के बीच रावण द्वारा माता सीता को ले जाने से लेकर शबरी और भगवान श्रीराम के मिलन तक, प्रकाश और तकनीकी प्रभावों ने दृश्यों की भव्यता को और बढ़ाया। आधुनिक तकनीक के समन्वय से तैयार मंचन दर्शकों के लिए यादगार अनुभव बना।
गणमान्य अतिथियों ने किया रामलीला का अवलोकन

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के दिल्ली प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे, दिल्ली सरकार के मंत्री रविंद्र इंद्राज तथा भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने रामलीला का अवलोकन किया। रामायण के प्रसंगों पर आधारित इस भव्य मंचन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति दर्शकों की रुचि को भी सुदृढ़ किया।
अशोक विहार रामलीला कमेटी फेज-1 का यह आयोजन पारंपरिक धार्मिक कथाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी प्रयास रहा।

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