Sharadiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन झण्डेवाला देवी मंदिर में माँ स्कन्दमाता की पूजा-अर्चना
देश-विदेश से दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु, सुरक्षा, स्वच्छता और सुचारु दर्शन के लिए मंदिर प्रबंधन ने किए विशेष इंतजाम

👆भाषा ऊपर से चेंज करें
शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप माँ स्कन्दमाता की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ स्कन्दमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं, जिन्हें स्कन्द कुमार के नाम से भी जाना जाता है। माँ का यह स्वरूप मातृत्व, प्रेम, करुणा और संतान सुख का प्रतीक माना जाता है। माँ स्कन्दमाता की उपासना करने से भक्तों को सुख-समृद्धि, शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि सच्चे मन से माँ की आराधना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और उन्हें जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति पाने की शक्ति मिलती है।

माँ स्कन्दमाता का स्वरूप अत्यंत दिव्य एवं मनोहारी है। माँ चार भुजाओं वाली हैं और उनकी गोद में बालरूप भगवान स्कन्द विराजमान रहते हैं। माँ का वाहन सिंह है, जबकि उन्हें कमल पर विराजमान होने के कारण पद्मासना देवी भी कहा जाता है। उनके एक हाथ में भगवान स्कन्द हैं, जबकि अन्य हाथों में कमल पुष्प और वरमुद्रा सुशोभित होती है। माँ का यह स्वरूप भक्तों को ममता, त्याग और वात्सल्य का संदेश देता है।
झण्डेवाला देवी मंदिर में विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना
प्राचीन ऐतिहासिक झण्डेवाला देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र मेले के पांचवें दिन माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप माँ स्कन्दमाता का भव्य श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया गया। मंदिर में माँ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। भक्तों की श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का वातावरण देखते ही बनता है।

माँ झण्डेवाली के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के चलते देश-विदेश से भक्त मंदिर में दर्शन करने पहुँचते हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की सुविधा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए सेवादार लगातार तत्पर रहते हैं। सेवादार श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के साथ ही दर्शन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करते हैं।
सुरक्षा के लिए 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में 300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से सुरक्षा कर्मियों और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी रखती हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में माँ के दर्शन कर सकें।

मंदिर में ऑनलाइन बुकिंग और क्यूआर कोड के माध्यम से दर्शन की व्यवस्था भी श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय हो रही है। इस व्यवस्था से दर्शन प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने में सहायता मिल रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निःशुल्क पार्किंग और चिकित्सा व्यवस्था
झण्डेवाला देवी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं। मंदिर प्रबंधन की ओर से चार स्थानों पर निःशुल्क पार्किंग और छह स्थानों पर जूता स्टैंड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त, किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए 24 घंटे प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
मेट्रो स्टेशन से मंदिर तक आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था भी की गई है। इन सुविधाओं के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुँचने तथा दर्शन करने में सहूलियत मिलती है।
स्वच्छता और बेहतर प्रबंधन के लिए प्रसिद्ध है मंदिर
माँ झण्डेवाली के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के साथ-साथ मंदिर की स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्थित प्रबंधन की भी सराहना की जाती है। मंदिर न्यास और प्रबंधन समिति श्रद्धालुओं की सुविधा तथा संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत रहती है। मंदिर में दर्शन से लेकर आवागमन तक विभिन्न व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसके चलते यहाँ देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से भी भक्त माँ का आशीर्वाद लेने पहुँचते हैं।
ऑनलाइन माध्यमों से घर बैठे कर सकेंगे माँ के दर्शन
जो श्रद्धालु किसी कारणवश मंदिर नहीं पहुँच पाते, उनके लिए भी दर्शन की सुविधा उपलब्ध है। मंदिर में प्रातः चार बजे से रात्रि 12 बजे तक होने वाले कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण झण्डेवाला देवी मंदिर के यूट्यूब चैनल, फेसबुक, आधिकारिक वेबसाइट और मंदिर के मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाता है। इससे देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी घर बैठे माँ की पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़ सकते हैं।
कल होगी माँ कात्यायनी की पूजा-अर्चना
शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को माँ दुर्गा के छठे स्वरूप माँ कात्यायनी का श्रृंगार और पूजा-अर्चना की जाएगी। माँ कात्यायनी को शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के प्रत्येक दिन माँ दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा कर श्रद्धालु सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

Stay Updated with Dainik India 24×7!
Follow us for real-time updates:




