photo galleryबहुत खूबसाहित्य
Trending
थैले वाली भारतीय महिला के रूप में भी विख्यात है डॉ अनुभा पुंढीर
डॉ० पुंढीर को 17 जून को दिल्ली में राजघाट स्थित सन्निधि सभागार में विष्णु प्रभाकर स्मृति सम्मान से सम्मानित किया जायेगा

👆भाषा ऊपर से चेंज करें
एडिथ कैविन यूनिवर्सिटी,ऑस्ट्रेलिया से एम बी ए, पर्यावरण विज्ञान में स्नातक, एस एम यू बड़ोदरा से भारतीय नाट्य कला में स्नातक व आपदा प्रबंधन व योग तथा मनोविज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त तथा आई आई एम बेंगलुरु से जुड़ी प्रोफेसर डॉ अनुभा पुंढीर वैसे तो जानी मानी नृत्यांगना हैं लेकिन उनकी उत्तराखंड राज्य में प्लास्टिक विरोधी अभियान की प्रमुख और देश में पर्यावरण रक्षा हेतु समर्पित कार्यकर्ता के रूप में सर्वत्र ख्याति है। प्लास्टिक इस्तेमाल के विरोध में इनके जागरूकता अभियान की सफलता इसी से परिलक्षित होती है कि इनके प्रयासों के परिणाम स्वरूप एक लाख से अधिक परिवारों ने प्लास्टिक के सामान इस्तेमाल न करने की सौगंध ली है तथा उन्हें डा० पुंढीर ने एक लाख से भी अधिक कपड़े के थैले अपनी संस्था “रघुकुल आर्यावर्त” के माध्यम से वितरित किये हैं और आज भी इस अभियान में जोर-शोर से लगी हैं तथा जनजागरण के द्वारा प्लास्टिक विरोध की आवाज बुलंद कर रही हैं।

डॉ० अनुभा पुंढीर (Dr. Anubha Pundhir) को अभी तक रक्स कर्मवीर फैलोशिप अवार्ड, कर्मवीर चक्र अवार्ड, यूनाइटेड नेशन्स के नोबेल सिटीजन्स अवार्ड, गंगापुत्र प्रो० जी डी अग्रवाल, प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदर लाल स्मृति पुरस्कार व अनुपम मिश्र स्मृति राष्ट्रीय सम्मान सहित 20 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित हो चुकी हैं। इन्हे पूरे देश में थैले वाली भारतीय महिला के रूप में ख्याति है। डॉ० पुंढीर को 17 जून को दिल्ली में राजघाट स्थित सन्निधि सभागार में विष्णु प्रभाकर स्मृति सम्मान से सम्मानित किया जायेगा। यह जानकारी प्रख्यात पत्रकार एवं लेखक अतुल प्रभाकर (Atul Prabhakar) ने दी है।





