साहित्य
-
मातृभूमि की रक्षा हेतु लक्ष्मीबाई का बलिदान अविस्मरणीय है–ज्ञानेन्द्र रावत
दरअसल 1857 का स्वाधीनता संग्राम जहां मातृभूमि की रक्षा का संग्राम था, वहीं बरतानिया हुकूमत द्वारा राजे-रजवाडो़ं को अपने अधीन…
Read More » -
जहां चाह है तो वहीं राह है
प्रसिद्ध रंगकर्मी, मैथिली और हिंदी की कथाकार, अनुवादक, अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता विभा रानी बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। यही…
Read More » -
पद्मविभूषित सुंदर लाल बहुगुणा का निधन
प्रख्यात पर्यावरणविद, गांधीवादी और चिपको आंदोलन के प्रणेता पद्मविभूषित सुंदर लाल बहुगुणा का आज दोपहर निधन हो गया । वह…
Read More » -
मां केवल मां ही नहीं होती–ज्ञानेन्द्र रावत
आज ‘मातृ दिवस’ है जिसे “मदर्स डे” के नाम से भी जाना जाता है। इसके लिए समूचे विश्व को अमेरिकी…
Read More » -
“पशु मित्र” पत्रिका का लोकार्पण…
हिंदी एवं अंग्रेजी की द्वैमासिक पत्रिका ” पशु मित्र ” (Pashu Mitra) का विमोचन श्रीमती मेनका संजय गांधी, सांसद और पूर्व…
Read More » -
कोरोना काल में इलाज के साथ इस पर भी विचार जरूरी है–ज्ञानेन्द्र रावत
कोरोना निश्चित ही एक महामारी है जिसने समूचे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया है। दुनिया में आबादी के…
Read More » -
बैसाखी और नवरात्रि की धूम में गूंज उठी आज़ान…
इस कठिन दौर में जब हर ओर इंसान त्राही-त्राही कर रहा है वहीं दूसरी ओर माता की कृपा, अल्लाह का…
Read More » -
होली की शुभकामनायें
होली के पावन पर्व पर वरिष्ठ पत्रकार,चर्चित पर्यावरणविद एवं मेरे पूज्यनीय बडे़ भ्राता श्री ज्ञानेन्द्र रावत जी द्वारा अपने शुभचिंतकों-मित्रों…
Read More » -
हिंडन के पुनर्जीवन के लिए जनांदोलन समय की मांग-ज्ञानेन्द्र रावत
बीते दिनों गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित सिटी फारेस्ट में तीन दिवसीय “हिंडन महोत्सव” पर विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य…
Read More » -
प्रकृति पर्व होली पर प्रकृति के रंगों का प्रयोग ही सर्वोत्तम-ज्ञानेन्द्र रावत,पर्यावरणविद
प्रकृति पर्व होली रंगों के साथ- साथ उमंग, उल्लास और हर्ष का पर्व भी है। इस पर हर्ष और उल्लास…
Read More »
