अशोक विहार में 100 फुट ऊंचे रावण का दहन, भव्य शोभायात्रा के बाद हुआ श्रीराम का राजतिलक
दशहरे पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए गए, हाथी-ऊंटों और आकर्षक झांकियों से सजी शोभायात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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दशहरा भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख पर्व है, जो बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने लंका के राजा रावण का वध कर संसार को अधर्म से मुक्ति दिलाई थी। वहीं, रावण के पुत्र मेघनाद और भाई कुंभकर्ण भी राम-रावण युद्ध में मारे गए थे। इसी विजय की स्मृति में हर वर्ष दशहरे पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है। यह परंपरा लोगों को अहंकार, अन्याय और बुराइयों का त्याग कर सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अशोक विहार रामलीला कमेटी फेज-1 की ओर से दशहरे के अवसर पर भव्य आयोजन किया गया। यहां 100 फुट ऊंचे रावण सहित मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का अग्निबाण चलाकर दहन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। रामलीला मंचन के दौरान भरत मिलाप और भगवान श्रीराम के राजतिलक का भावपूर्ण दृश्य भी प्रस्तुत किया गया, जिसे देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचे।

कमेटी के चेयरमैन अनिल गुप्ता और कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र नागपाल ने बताया कि दशहरे के आयोजन में धर्म की अधर्म पर और सत्य की असत्य पर विजय का संदेश दिया गया। पुतला दहन के साथ ही रामलीला के समापन अवसर पर भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने, भरत मिलाप और उनके राजतिलक के प्रसंगों का मंचन किया गया।
अयोध्या की तर्ज पर सजा अशोक विहार
कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र नागपाल ने बताया कि भगवान श्रीराम के स्वागत के लिए अशोक विहार क्षेत्र को अयोध्या नगरी की तर्ज पर सजाया गया था। जगह-जगह आकर्षक तोरण द्वार बनाए गए और सुंदर रोशनी से प्रमुख मार्गों तथा आसपास के क्षेत्रों को जगमग किया गया। उत्सव के माहौल में स्थानीय लोगों ने अपने घरों के बाहर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण भी किया।
भगवान श्रीराम के राजतिलक और राम-भरत मिलाप की झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
भव्य शोभायात्रा में शामिल हुईं आकर्षक झांकियां

शोभायात्रा अध्यक्ष अर्जुन गोयल और सुरक्षा अध्यक्ष पवन गोयल ने बताया कि दशहरे के अवसर पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा में हाथी, ऊंट और आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा अशोक विहार क्षेत्र के बाजारों और प्रमुख मार्गों से होते हुए रामलीला स्थल तक पहुंची।
यात्रा के स्वागत के लिए स्थानीय निवासियों ने विभिन्न स्थानों पर तोरण द्वार बनाए और पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। मार्गों पर लोगों की भीड़ रही और पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्सव जैसा वातावरण बना रहा। भगवान श्रीराम की झांकी के दर्शन के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचे।
प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने की शिरकत
अशोक विहार में आयोजित भव्य शोभायात्रा में दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, सांसद मनोज तिवारी, दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, विष्णु मित्तल और एडीएम राजीव रंजन सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
शोभायात्रा के रामलीला स्थल पहुंचने के बाद क्षेत्र की प्रमुख सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की सहभागिता से भगवान श्रीराम का राजतिलक और भरत मिलाप का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके साथ ही रामलीला के दसवें दिन का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ।

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