IBA Congress 2025: दुबई में गूंजा भारतीय बॉक्सिंग का विज़न
भारतीय बॉक्सिंग की सोच और प्रतिबद्धता को 192 देशों की मौजूदगी में मिली वैश्विक सराहना।

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दुबई, यूएई | भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अध्याय उस समय जुड़ गया, जब इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (IABF) ने इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) की ऑर्डिनरी कांग्रेस 2025 में भारत भर में बॉक्सिंग को सशक्त बनाने हेतु अपनी जमीनी स्तर की पहलों को औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया। यह प्रतिष्ठित कांग्रेस दुबई के जुमेराह बीच होटल स्थित सफीना बॉलरूम में आयोजित हुई, जिसमें विश्व के 192 सदस्य देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
IBA नेतृत्व द्वारा IABF को यह मंच प्रदान किया जाना वैश्विक बॉक्सिंग मंच पर भारतीय बॉक्सिंग के सशक्त एकीकरण की दिशा में एक निर्णायक और ऐतिहासिक क्षण के रूप में देखा जा रहा है।
IABF की प्रतिबद्धता और दृष्टि
इस अवसर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए IABF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि IBA ऑर्डिनरी कांग्रेस में अपने विचार प्रस्तुत करना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी—दोनों का विषय है।
उन्होंने कहा, “इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन द्वारा दिया गया यह मंच पारदर्शिता, खिलाड़ी कल्याण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है। यह भारतीय बॉक्सिंग और उन सभी खिलाड़ियों के लिए गर्व और भावनात्मक क्षण है, जो विश्व मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं।”
खेल कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का संदर्भ

डॉ. राकेश मिश्र ने यह भी उल्लेख किया कि यह विकास ऐसे समय में हुआ है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल सहयोग को नई गति मिल रही है। उन्होंने हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुए खेल सहयोग संबंधी संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे खेल कूटनीति की भूमिका और अधिक सशक्त हुई है।
उन्होंने कहा, “इस प्रकार की उच्चस्तरीय पहलें खेल को राष्ट्रों के बीच सेतु के रूप में स्थापित करती हैं और IABF जैसी संस्थाओं को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।”
IBA पदाधिकारियों का भारतीय परंपरा से सम्मान

कांग्रेस के दौरान डॉ. राकेश मिश्र के नेतृत्व में IABF प्रतिनिधिमंडल—जिसमें राकेश ठाकरण, डॉ. विपिन कुमार और प्रतीक कलारिया शामिल थे। उन्होंने IBA नेतृत्व को मोती माला और अंगवस्त्र भेंट कर भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप सम्मानित किया। यह सम्मान कृतज्ञता, सहयोग और पारस्परिक सम्मान का प्रतीक रहा।
कांग्रेस में डॉ. राकेश मिश्र का ऐतिहासिक संबोधन
कांग्रेस को संबोधित करते हुए डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि भारत मानव सभ्यता की प्राचीनतम भूमि है, जहाँ खेल को सदैव अनुशासन, सम्मान और मानवता के मूल्यों से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं की तरह ही खेल भी समाज को जोड़ने, दिशा देने और चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम रहा है।
उन्होंने कहा कि इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन, IBA के सिद्धांतों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप, विश्व स्तर पर बॉक्सिंग के विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
डॉ. मिश्र ने बॉक्सिंग को केवल प्रतिस्पर्धा का खेल न मानते हुए इसे आत्मसंयम, अनुशासन, सम्मान और समान अवसर का वैश्विक संदेश बताया। उन्होंने कहा कि IBA के दूरदर्शी नेतृत्व में बॉक्सिंग आज सीमाओं से परे जाकर विश्व एकता और खेल भावना का सशक्त प्रतीक बन चुकी है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना
अपने संबोधन में डॉ. राकेश मिश्र ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में खेलों को राष्ट्रीय प्राथमिकता मिली है। इसके परिणामस्वरूप भारत आज वैश्विक खेल मंच पर एक आत्मविश्वासी, सशक्त और सम्मानित उपस्थिति के रूप में उभरा है।
उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और रूस के बीच खेलों—विशेषकर बॉक्सिंग—के क्षेत्र में सहयोग को लेकर आपसी समझ बनी है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IBA के अध्यक्ष और संगठन के मार्गदर्शन में भारत और रूस जैसे दो महान राष्ट्र बॉक्सिंग के क्षेत्र में सहयोग, पारस्परिक सम्मान और सकारात्मक वातावरण में आगे बढ़ेंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय खेल सहयोग को नई मजबूती मिलेगी और खिलाड़ियों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
IBA नेतृत्व का आभार और वैश्विक सराहना


डॉ. राकेश मिश्र ने IBA के अध्यक्ष उमर क्रेमलेव, सेक्रेटरी जनरल एवं CEO क्रिस रॉबर्ट्स तथा यूरी ज़ायत्सेव का उनके मार्गदर्शन, समर्थन और निरंतर सहयोग के लिए इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन की ओर से हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।
उनका भावपूर्ण और प्रेरक संबोधन—जिसमें भारतीय मुक्केबाजों के संघर्ष, संकल्प और आकांक्षाओं को प्रमुखता से रेखांकित किया गया—को विश्व भर से आए प्रतिनिधियों ने सराहा।
IBA अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
IBA के अध्यक्ष उमर क्रेमलेव ने डॉ. राकेश मिश्र के संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि IABF की सोच और प्रतिबद्धता प्रशंसनीय है। उन्होंने भारत सहित विभिन्न देशों में बॉक्सिंग के विकास हेतु IBA के निरंतर सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारतीय बॉक्सिंग के नए युग की शुरुआत
IBA ऑर्डिनरी कांग्रेस 2025 में IABF की यह प्रभावशाली सहभागिता भारतीय बॉक्सिंग के एक नए युग की शुरुआत का संकेत है। यह पहल अंतरराष्ट्रीय सहयोग, खिलाड़ी विकास के नए मार्गों और वैश्विक भागीदारी को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
यह उपलब्धि खिलाड़ियों, प्रशासकों और समर्थकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जो भारतीय बॉक्सिंग को एक उज्ज्वल, सशक्त और वैश्विक भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है।

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