UPI पर शुल्क को लेकर व्यापारियों में नाराजगी, सदर बाजार में जोरदार प्रदर्शन
15 अक्टूबर से प्रस्तावित MDR को लेकर व्यापारियों में नाराजगी, सरकार से UPI को शुल्क मुक्त रखने की मांग

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नई दिल्ली। UPI लेन-देन पर प्रस्तावित शुल्क के विरोध में सदर बाजार के व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा की अध्यक्षता में आयोजित प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने सरकार से डिजिटल भुगतान व्यवस्था को शुल्क मुक्त रखने और व्यापारियों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालने की मांग की।
व्यापारियों ने इस दौरान “व्यापारियों पर नया बोझ, नहीं सहेंगे-नहीं सहेंगे”, “UPI हमारा अधिकार, शुल्क लगाना बंद करो” और “डिजिटल भुगतान पर शुल्क बंद करो” जैसे नारे लगाए।
₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर MDR को लेकर विरोध
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ₹2,000 से अधिक के पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाए जाने की बात कही जा रही है। उनके अनुसार इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेन-देन तक हो सकती है।
पम्मा ने कहा कि भले ही यह शुल्क सीधे ग्राहक से नहीं लिया जाएगा, लेकिन इसका आर्थिक प्रभाव व्यापारी पर पड़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ₹5,000 के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से करीब ₹20, ₹10,000 पर ₹40, ₹20,000 पर ₹80 और ₹50,000 के भुगतान पर करीब ₹200 तक शुल्क बन सकता है। बड़े लेन-देन में यह राशि अधिकतम ₹300 प्रति लेन-देन तक पहुंच सकती है।
छोटे और मध्यम व्यापारियों पर बढ़ेगा खर्च: पम्मा
पम्मा के मुताबिक, जिन व्यापारियों के रोजाना बड़ी संख्या में UPI के जरिए भुगतान होते हैं, उनके लिए छोटी प्रतिशत राशि भी महीने के अंत में बड़ी लागत में बदल सकती है। उन्होंने दावा किया कि मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर इससे हर महीने करीब ₹2,000 से ₹5,000 तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापारी पहले से ही महंगाई, दुकान के किराए, कर्मचारियों के वेतन, बिजली-पानी और अन्य कारोबारी खर्चों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है।
“डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे सरकार”
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा, “सरकार को डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना चाहिए, न कि उस पर शुल्क लगाकर व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालना चाहिए। व्यापारी पहले से ही अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं। हम व्यापारियों पर नया बोझ नहीं सहेंगे।”
उन्होंने सरकार से मांग की कि छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए UPI पर MDR लागू करने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापारियों के लिए शुल्क मुक्त रखा जाए।
आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी
व्यापारियों का कहना है कि ₹2,000 तक के P2M UPI लेन-देन पर शुल्क नहीं होने के बावजूद ₹2,000 से अधिक के पात्र लेन-देन पर MDR की व्यवस्था चिंता का विषय है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में रोजाना होने वाले डिजिटल लेन-देन के कारण छोटी प्रतिशत राशि भी व्यापारियों के लिए मासिक स्तर पर महत्वपूर्ण लागत बन सकती है।
सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेड्स एसोसिएशन ने कहा कि यदि UPI शुल्क का प्रस्तावित बोझ वापस नहीं लिया गया तो व्यापारी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध और आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे।
प्रदर्शन में व्यापारी नेता दीपक निम्भल, वरिंदर अरोड़ा, जसविंदर सिंह, दीपक निप्पल, रजनीश, राजेश भयना, जसबीर सिंह सरना, बलविंदर सिंह सरना, राजीव सोहर और तरुण सोनी सहित अनेक व्यापारी मौजूद रहे।

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