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महाराष्ट्र की जनता को एकजुट होकर अपनी ताकत दिखानी होगी -शरद पवार

शरद पवार ने साल 1999 में पार्टी की स्थापना की थी

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महाराष्ट्र की राजनीति का घटनाक्रम पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है इसी के साथ वंहा का राजनैतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। रविवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और शरद पवार के भतीजे अजित पवार अपने समर्थक विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए। अजित पवार को महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।
     राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने अजित पवार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले एनसीपी नेताओं को अपनी पार्टी से निष्कासित कर दिया है। जिन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया है उनमें मुंबई मंडल के प्रमुख नरेंद्र राठौड़, अकोला शहर जिला प्रमुख विजय देशमुख और राज्य मंत्री शिवाजीराव गर्जे शामिल हैं।
     वंही एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने सोमवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सातारा के कराड में अपने गुरु पूर्व मुख्यमंत्री यशवंत राव चाव्हाण की समाधि पर पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर शरद पवार ने कहा कि भाजपा देशभर में चुनी हुई सरकारों को गिरा रही है। महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हुआ है। महाराष्ट्र की जनता को एकजुट होकर अपनी ताकत दिखानी होगी। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में जातिवाद की राजनीति नहीं चलेगी। हमारे कुछ लोग बीजेपी का शिकार हो गए।
     वहीं, एनसीपी के नेता अजित पवार और 8 अन्य पार्टी विधायकों के बगावत के बाद एनसीपी (शरद पवार) ने सभी बगावत करने वाले विधायकों को अयोग्य करार करने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर और चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि पार्टी की कमान अभी भी शरद पवार के पास है। शरद पवार ने साल 1999 में पार्टी की स्थापना की थी। अजित पवार की पार्टी पर दावे से जुड़ी कोई भी अपील पर कार्रवाई करने से पहले उनके पक्ष को भी जरुर सुना जाए।
     वंही एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने सबसे करीबी नेता प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटा दिया है और सुनील तटकरे को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
    इसके बाद एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि महाराष्ट्र एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष पद से जयंत पाटिल को तत्काल प्रभाव से हटाया जाता है और बतौर प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ही अब महाराष्ट्र में नियुक्ति करेंगे। आगे उन्होंने कहा कि किसी भी विधायक को अयोग्य ठहराने का फैसला पार्टी या फिर चुनाव आयोग नहीं कर सकता। यह काम सिर्फ महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर कर सकता है।
     एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने आगे कहा कि शरद पवार के फैसले एनसीपी के फैसले नहीं है। उन पर गौर नहीं किया जाएगा। अजित पवार एनसीपी के विधानमंडल के नेता रहेंगे और उन्हें आधिकारिक तौर पर चुना गया है। हम उनसे (शरद पवार) हाथ जोड़कर अनुरोध करते हैं कि वह हमें अपना आशीर्वाद दें, क्योंकि वह हमारे गुरु हैं।
-ओम कुमार
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