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रावण का दहन का महज एक पुतले का ना हो। ये दहन उस विकृति जो समाज को जाति धर्म बांटने का काम करे -पीएम मोदी
आजादी के 75 साल बाद भारत के भाग्य का उदय होने जा रहा है। यही वो समय भी है जब भारत को पहले से बहुत सतर्क रहना जरूरी है। हमें याद रखना है

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देशभर में विजयदशमी यानि दशहरा का त्योहार मनाया जा रहा है। दिल्ली के द्वारका सेक्टर 10 में आयोजित श्री रामलीला सोसायटी की 11वें भव्य रामलीला के विजयदशमी कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कार्यक्रम में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के अलावा एक अन्य पुतले का दहन किया।

द्वारका के रामलीला मैदान में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान राम की पूजा अर्चना की, उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी का रामलीला सोसायटी की तरफ से भव्य स्वागत किया गया और उन्हें
भगवान राम दरबार और हनुमान की मूर्ति को भेंट स्वरूप दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिल्ली से सांसद प्रवेश साहिब सिंह, बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और द्वारका रामलीला सोसायटी के सदस्य मौजूद रहे।
भगवान राम दरबार और हनुमान की मूर्ति को भेंट स्वरूप दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिल्ली से सांसद प्रवेश साहिब सिंह, बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और द्वारका रामलीला सोसायटी के सदस्य मौजूद रहे।
रामलीला देखने आए लोगों को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि “पूरे देश को विजयदशमी की बधाई देता हूं। बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है। हम हर वर्ष रावण दहन करते हैं लेकिन इतना ही काफी नहीं है। ये पर्व संकल्पों को दोहराने का भी पर्व है. हम इस बार विजयदशमी मना रहे हैं, जब चंद्रमा पर हमारी विजय को 2 महीने पूरे हुए हैं। विजयदशमी पर शस्त्र पूजा का भी प्रावधान है, शस्त्रों की पूजा अधिपत्य के लिए नहीं, रक्षा के लिए की जाती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगे कहा कि “हमने कुछ सप्ताह पहले ही नई संसद के प्रवेश किया। नारी को शक्ति देने के लिए नारी वंदन बिल पेश किया। दुनिया मदर ऑफ डेमोक्रेसी देख रही है। इन सुखद क्षणों के बीच प्रभु श्रीराम राम मंदिर में विराजने जा रहे है। आजादी के 75 साल बाद भारत के भाग्य का उदय होने जा रहा है। यही वो समय भी है जब भारत को पहले से बहुत सतर्क रहना जरूरी है। हमें याद रखना है कि रावण का दहन का महज एक पुतले का ना हो। ये दहन उस विकृति जो समाज को जाति धर्म बांटने का काम करे। आने वाले 25 वर्ष भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। पूरा विश्व आज भारत को नजर टिकाए हमारे सामर्थ्य को देख रहा है। अब हमें विश्राम नहीं करना है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे अपने सम्बोधन में कहा कि “आज हमें सौभाग्य मिला है कि भगवान राम का भव्य मंदिर बनते हुए देख रहे है. अयोध्या में अगली बार रामनवमी पर लोगों को हर्षित करने वाला पल होगा। राममंदिर में भगवान राम के विराजमान के बस कुछ ही महीने बचे है। शताब्दियों के बाद भगवान राम मंदिर में विराजमान होंगे।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगे बोलते हुए कहा कि “राम राज की परिकल्पना यही है कि जब राम अपने सिंहासन पर विराजे तो पूरे विश्व में इसका हर्ष हो और सभी कष्टों का अंत हो। ये होगा कैसे? इसलिए मैं हर देशवासी से 10 संकल्प लेने के लिए कहता हूं।”
1. ज्यादा से ज्यादा पानी बचाएं।
2. ज्यादा से ज्यादा लोगों को डिजिटल लेने देन के लिए प्रेरित करें।
3. स्वच्छता का संकल्प लेंगे।
4. वोकल फॉर लोकल।
5. क्वालिटी काम कराने।
6. पहले अपना पूरा देश भ्रमण करेंगे और उसके बाद समय मिलेंगे तो विदेश देंगे।
7. नेचुरल फार्मिंग के प्रति किसानों को प्रेरित करेंगे।
8. सुपर फूड मिलेट्स को अपने रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करेंगे. इससे किसानों और सेहत को बहुत फायदा होगा।
9. व्यक्तिगत स्वाथ्य के लिए फिटनेस को अपने जीवन में प्राथमिकता देंगे।
10. हम कम से कम एक गरीब परिवार का सदस्य बनकर उसका सामाजिक और आर्थिक स्तर बढ़ाएंगे।
-ओम कुमार





