सीता स्वयंवर में श्रीराम ने तोड़ा शिव धनुष, अशोक विहार रामलीला में जीवंत हुई रामायण की कथा
भव्य मंच सज्जा, शानदार वेशभूषा और प्रभावशाली अभिनय से सजी रामलीला, बांसुरी स्वराज और वीरेंद्र सचदेवा ने किया अवलोकन।

👆भाषा ऊपर से चेंज करें
रामायण की कथा में सीता स्वयंवर का प्रसंग भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अध्याय है। राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए स्वयंवर का आयोजन किया था, जिसमें भगवान शिव के विशाल धनुष को उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखी गई थी। अनेक राजा और महारथी इस चुनौती को पूरा नहीं कर सके। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते समय वह टूट गया। इसके बाद माता सीता ने श्रीराम के गले में वरमाला डालकर उन्हें अपने पति के रूप में स्वीकार किया।
इसी प्रसंग को अशोक विहार रामलीला कमेटी की ओर से भव्य रूप में मंचित किया गया, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
अशोक विहार रामलीला कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नागपाल और चेयरमैन डॉ. एस.सी. गुप्ता ने बताया कि सीता स्वयंवर के लिए मंच पर विशेष रूप से तैयार किया गया भव्य दृश्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। विभिन्न देशों से आए राजाओं की वेशभूषा, आकर्षक मंच सज्जा, आधुनिक प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का सजीव चित्रण रामलीला की शोभा बढ़ा रहा था। मंच पर प्रस्तुत किए गए दृश्यों ने दर्शकों को रामायण काल की अनुभूति कराई और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
लक्ष्मण-परशुराम संवाद ने बांधा समां
रामलीला के दौरान धनुष टूटने के बाद भगवान परशुराम के आगमन और लक्ष्मण के साथ उनके संवाद का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस प्रसंग में कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय, संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाओं से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। लक्ष्मण और परशुराम के बीच हुए तीखे संवादों को सुनकर दर्शक बार-बार तालियां बजाते नजर आए। कलाकारों की प्रभावी प्रस्तुति ने इस प्रसंग को जीवंत बना दिया।
कमेटी के शोभायात्रा अध्यक्ष श्री अर्जुन गोयल और महामंत्री श्री राज अग्रवाल ने बताया कि लक्ष्मण-परशुराम संवाद दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। कलाकारों ने संवादों को जिस प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया, उससे दर्शक भाव-विभोर होने के साथ-साथ मनोरंजन का भी आनंद लेते रहे।
बांसुरी स्वराज और वीरेंद्र सचदेवा ने किया रामलीला का अवलोकन
अशोक विहार रामलीला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज और दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा भी उपस्थित रहे। उन्होंने रामलीला के मंचन का अवलोकन किया। सीता स्वयंवर, धनुष यज्ञ और लक्ष्मण-परशुराम संवाद जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों की प्रस्तुति ने आयोजन को यादगार बना दिया। भव्य मंच सज्जा, कलाकारों के अभिनय और आधुनिक तकनीक के समन्वय से रामलीला परिसर में उत्सव और भक्ति का माहौल बना रहा।

Stay Updated with Dainik India 24×7!
Follow us for real-time updates:




