Sharadiya Navratri 2026: नवरात्र का चौथा दिन मां कुष्मांडा को समर्पित, झण्डेवाला मंदिर में विशेष पूजा और श्रृंगार
मेहंदी केंद्र पर प्रशिक्षित कन्याएं सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक श्रद्धालु महिलाओं के हाथों पर लगा रहीं मेहंदी

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हिंदू धर्म में मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा की पूजा-अर्चना का विशेष धार्मिक महत्व है। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था और सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब मां कुष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति और ब्रह्मांड की जननी माना जाता है। मां कुष्मांडा का नाम तीन शब्दों से मिलकर बना है—‘कु’ अर्थात छोटा, ‘उष्मा’ अर्थात ऊर्जा या ताप और ‘अंड’ अर्थात ब्रह्मांड। मान्यता है कि मां अपने भक्तों को सुख, समृद्धि, आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं। उनकी आठ भुजाएं होने के कारण उन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है।
मां कुष्मांडा को सूर्य के समान तेजस्वी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनका निवास सूर्य मंडल में है और वे समस्त सृष्टि को ऊर्जा प्रदान करती हैं। उनकी पूजा करने से जीवन में सुख-शांति, उत्साह और समृद्धि आती है। नवरात्र के चौथे दिन भक्त मां कुष्मांडा की आराधना कर परिवार की खुशहाली और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।
झण्डेवाला देवी मंदिर में मां कुष्मांडा की विधि-विधान से पूजा

राजधानी दिल्ली स्थित प्राचीन शक्तिपीठ झण्डेवाला देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र के चौथे दिन मां भगवती के चतुर्थ स्वरूप मां कुष्मांडा की पूजा-अर्चना पूर्ण विधि-विधान के साथ की गई। इस अवसर पर मां का विशेष श्रृंगार किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।
मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा। अनेक प्रसिद्ध गायकों ने मां भगवती के भजनों और भक्ति गीतों के माध्यम से उनका गुणगान किया। भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते नजर आए।
300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए झण्डेवाला देवी मंदिर परिसर में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मंदिर में स्थापित नियंत्रण कक्ष से सुरक्षा विभाग के सेवादार और पुलिसकर्मी अपने अधिकारियों के साथ लगातार निगरानी करते हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से मेले के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
सुबह चार बजे से मध्यरात्रि तक धार्मिक कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण
देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं को मां भगवती के दर्शन और धार्मिक आयोजनों से जोड़ने के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। झण्डेवाला देवी मंदिर के यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज, आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रतिदिन सुबह चार बजे से मध्यरात्रि तक सभी कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण किया जाता है। इसके माध्यम से दूर-दराज में रहने वाले भक्त भी घर बैठे मां के दर्शन कर सकते हैं और पूजा-अर्चना में सहभागी बन सकते हैं।
सेवा बस्तियों की सैकड़ों कन्याओं के लिए दर्शन और भंडारे की व्यवस्था
झण्डेवाला देवी मंदिर की ओर से दिल्ली के विभिन्न जिलों की सेवा बस्तियों से आने वाली सैकड़ों कन्याओं के लिए मां के दर्शन, भंडारे और प्रसाद की व्यवस्था की जाती है। इस पहल के माध्यम से कन्याओं को धार्मिक आयोजन में सहभागी बनाने के साथ सेवा और सामाजिक सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दिया जाता है।
मेहंदी केंद्र पर प्रशिक्षित कन्याएं लगा रहीं मेहंदी
नवरात्र मेले के दौरान मंदिर के मेहंदी केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही कन्याएं श्रद्धालु महिलाओं और बहनों के हाथों पर मेहंदी लगा रही हैं। यह सुविधा प्रतिदिन सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक उपलब्ध रहती है। इस पहल से कन्याओं को अपने प्रशिक्षण और हुनर का उपयोग करने का अवसर मिलता है, वहीं श्रद्धालुओं को भी मेले में विशेष सुविधा मिलती है।
निःशुल्क चाय-शर्बत और मदर डेयरी के उत्पादों पर विशेष छूट
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निःशुल्क चाय और शर्बत की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त मदर डेयरी की ओर से लगाए गए उत्पाद स्टॉल पर भी भक्तों को विशेष छूट दी जा रही है। नवरात्र मेले में यह स्टॉल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
कल होगी मां स्कन्दमाता की पूजा-अर्चना
शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कन्दमाता की पूजा-अर्चना की जाएगी। इस अवसर पर झण्डेवाला देवी मंदिर में मां का विशेष एवं अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा। श्रद्धालु मां स्कन्दमाता के दर्शन कर सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे। नवरात्र के इन पावन दिनों में मंदिर में पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और सेवा गतिविधियों के माध्यम से भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

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