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विज्ञान के बिना मानव उन्नति की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती

यह विज्ञान का युग है और विज्ञान और वैज्ञानिक प्रवृत्ति के बिना, सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए कोई कदम आगे नहीं बढ़ाया जा सकता और मानव उन्नति की परिकल्पना भी विज्ञान के बिना नहीं की जा सकती है।

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दिल्ली के उपराज्यपाल,विनय कुमार सक्सेना ने शनिवार गोल मार्केट स्तिथ अटल आदर्श बंगाली बालिका विद्यालय, में छात्रों के बीच वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) द्वारा पुनर्निर्मित 21 स्कूलों की 41 विज्ञान प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया गया। उन्नत बुनियादी ढांचे और संसाधनों से लैस इन विज्ञान प्रयोगशालाओं का उद्देश्य कम उम्र में ही छात्रों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार, एनडीएमसी के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह भल्ला, उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, परिषद सदस्य कुलजीत सिंह चहल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
     नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के स्कूलों की विज्ञान प्रयोगशालाओं का उद्घाटन करने के बाद, उपराज्यपाल, दिल्ली ने 21 एनडीएमसी स्कूलों के 6700 छात्रों को बधाई दी, जो इन 41 विज्ञान प्रयोगशालाओं से लाभान्वित होंगे और यह भी कहा कि यह विज्ञान का युग है और विज्ञान और वैज्ञानिक प्रवृत्ति के बिना, सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए कोई कदम आगे नहीं बढ़ाया जा सकता और मानव उन्नति की परिकल्पना भी विज्ञान के बिना नहीं की जा सकती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये प्रयोगशालाएं न केवल एनडीएमसी क्षेत्र में बल्कि पूरी दिल्ली में प्रयोग और नवाचार की एक मिसाल बन जाएंगी और शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी।
     बालिकाओं को शिक्षित करने पर प्रधानमंत्री के संकल्प को याद करते हुए, उपराज्यपाल ने कहा कि एक बालिका की शिक्षा से पूरे परिवार को शिक्षित किया जाता है और बदले में पूरे समाज को, वास्तव में राष्ट्र को शिक्षित किया जाता है। उन्होंने नियमित अध्ययन के अलावा प्रत्येक छात्र के समग्र विकास के लिए पाठ्येतर गतिविधियों  खेल, कला, संगीत आदि के महत्व पर भी जोर दिया।
     इस अवसर पर बोलते हुए दिल्ली मुख्य सचिव नरेश कुमार ने एनडीएमसी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार लाने के लिए कदम उठाने के सुझाव दिए। उन्होंने प्रत्येक छात्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए टैब वितरित करने का आह्वान किया। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि स्कूल के समय के बाद एनडीएमसी स्कूलों के बुनियादी ढांचे का उपयोग लड़कियों और महिलाओं के लिए कौशल विकास केंद्र के रूप में किया जा सकता है। एनडीएमसी स्कूलों की कंप्यूटर लैब को आस-पास के गरीब छात्रों के लिए सुलभ बनाया जा सकता है।
     पालिका परिषद के अध्यक्ष बीएस भल्ला ने बताया कि एनडीएमसी द्वारा बुनियादी ढांचे, जनशक्ति, शिक्षा की गुणवत्ता आदि के मानकों पर प्रत्येक स्कूल की आवश्यकता का आकलन करने के लिए मूल्यांकन किया जा रहा है। मूल्यांकन रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद,अपने छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु एनडीएमसी उन आवश्यकताओं को जल्द से जल्द पूरा करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि एनडीएमसी स्कूलों में दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों द्वारा 99% परिणाम प्राप्त किया गया है ।
     इस अवसर पर, उपराज्यपाल ने उन सभी मेधावी छात्रो को, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ परिणाम प्राप्त किये है, उन प्रत्येक को प्रमाण पत्र और दस हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इससे पहले उपराज्यपाल, दिल्ली ने अटल आदर्श बंगाली बालिका विद्यालय की प्रयोगशालाओं का दौरा किया और उद्घाटन किया साथ ही साथ वहां छात्रों के साथ बातचीत भी की।
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