साहित्य
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मौन ही है जीवन का सार -डा.अमलदार नीहार
👆Change the Language हमारे राष्ट्रपिता हर सोमवार को मौन व्रत धारण करते थे। उस दिन यदि कहीं कोर्ट में हाजिर…
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गर्व करना है तो इस पृथ्वी पर किया जाए, जो माँ की तरह सर्वंसहा बनकर हमारा पोषण करती है। गर्व पिता की तरह कृपाकन्द बने आकाश की करें–डा.अमलदार नीहार
यह विचार का विषय है कि हम अपने धर्म, जाति, कुल, दौलत, बल, विद्या-बुद्धि ,पद-प्रतिष्ठा और कीर्ति पर क्यों गर्व…
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मातृभूमि की रक्षा हेतु लक्ष्मीबाई का बलिदान अविस्मरणीय है–ज्ञानेन्द्र रावत
दरअसल 1857 का स्वाधीनता संग्राम जहां मातृभूमि की रक्षा का संग्राम था, वहीं बरतानिया हुकूमत द्वारा राजे-रजवाडो़ं को अपने अधीन…
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जहां चाह है तो वहीं राह है
प्रसिद्ध रंगकर्मी, मैथिली और हिंदी की कथाकार, अनुवादक, अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता विभा रानी बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। यही…
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पद्मविभूषित सुंदर लाल बहुगुणा का निधन
प्रख्यात पर्यावरणविद, गांधीवादी और चिपको आंदोलन के प्रणेता पद्मविभूषित सुंदर लाल बहुगुणा का आज दोपहर निधन हो गया । वह…
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मां केवल मां ही नहीं होती–ज्ञानेन्द्र रावत
आज ‘मातृ दिवस’ है जिसे “मदर्स डे” के नाम से भी जाना जाता है। इसके लिए समूचे विश्व को अमेरिकी…
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“पशु मित्र” पत्रिका का लोकार्पण…
हिंदी एवं अंग्रेजी की द्वैमासिक पत्रिका ” पशु मित्र ” (Pashu Mitra) का विमोचन श्रीमती मेनका संजय गांधी, सांसद और पूर्व…
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कोरोना काल में इलाज के साथ इस पर भी विचार जरूरी है–ज्ञानेन्द्र रावत
कोरोना निश्चित ही एक महामारी है जिसने समूचे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया है। दुनिया में आबादी के…
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बैसाखी और नवरात्रि की धूम में गूंज उठी आज़ान…
इस कठिन दौर में जब हर ओर इंसान त्राही-त्राही कर रहा है वहीं दूसरी ओर माता की कृपा, अल्लाह का…
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होली की शुभकामनायें
होली के पावन पर्व पर वरिष्ठ पत्रकार,चर्चित पर्यावरणविद एवं मेरे पूज्यनीय बडे़ भ्राता श्री ज्ञानेन्द्र रावत जी द्वारा अपने शुभचिंतकों-मित्रों…
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