मेरे अलफ़ाज़/कविता
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पिताजी आप हैैं, इस दुनिया के सब से शक्तिशाली इंसान
कहते हैं कि ईश्वर, अल्लाह, गॉड हर जगह नही पहुँच सकता है इसीलिए उसने माँ की संरचना की। जोकि अपने बच्चों को भरपूर…
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ऐसे तो नहीं बचेगा हिमालय- ज्ञानेन्द्र रावत
आज हिन्दूकुश-हिमालयी पर्वत श्रृंखला संकट में है। इसका सबसे बडा़ कारण इस समूची पर्वत श्रृंखला के पठारी, तीखे और खडे़…
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भाई बहिन के पावनप्रेम का पर्व है “रक्षाबंधन”
रक्षाबंधन यानि राखी का त्योहार भाई और बहिन दोनों के लिए शुभ का त्योहार है। इसे हम जितना प्रेम और…
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वर्षाजल संरक्षण ही संकट का समाधान-ज्ञानेन्द्र रावत
आज जल संकट समूची दुनिया की समस्या है। असलियत यह है कि आज दुनिया के 37 देश पानी की भारी…
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बहुगुणा जी को भारत रत्न दिया जाना राष्ट्र और पर्यावरण जगत का सम्मान होगा
👆Change the Language विगत दिवस महान पर्यावरणविद और चिपको आंदोलन के प्रणेता सुंदर लाल बहुगुणा जी की प्रतिमा का दिल्ली विधान सभा…
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मौन ही है जीवन का सार -डा.अमलदार नीहार
👆Change the Language हमारे राष्ट्रपिता हर सोमवार को मौन व्रत धारण करते थे। उस दिन यदि कहीं कोर्ट में हाजिर…
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गर्व करना है तो इस पृथ्वी पर किया जाए, जो माँ की तरह सर्वंसहा बनकर हमारा पोषण करती है। गर्व पिता की तरह कृपाकन्द बने आकाश की करें–डा.अमलदार नीहार
यह विचार का विषय है कि हम अपने धर्म, जाति, कुल, दौलत, बल, विद्या-बुद्धि ,पद-प्रतिष्ठा और कीर्ति पर क्यों गर्व…
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मातृभूमि की रक्षा हेतु लक्ष्मीबाई का बलिदान अविस्मरणीय है–ज्ञानेन्द्र रावत
दरअसल 1857 का स्वाधीनता संग्राम जहां मातृभूमि की रक्षा का संग्राम था, वहीं बरतानिया हुकूमत द्वारा राजे-रजवाडो़ं को अपने अधीन…
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बढ़ता तापमान पर्यावरण के लिए भयावह खतरे का संकेत –ज्ञानेन्द्र रावत
आज विश्व पर्यावरण दिवस है। आज पर्यावरण का सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि पृथ्वी की चिंता आज किसी को…
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चला गया प्रख्यात वृक्ष मित्र बहुगुणा -ज्ञानेन्द्र रावत
गत 21 मई को प्रख्यात पर्यावरणविद, गांधीवादी, चिपको आंदोलन के प्रणेता और सिल्यारा के संत के नाम से विख्यात पद्मविभूषित सुंदर…
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