Hanuman Jayanti: नववर्ष मेला भोपाल बना आस्था और मनोरंजन का केंद्र
आरती, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जोड़ा श्रद्धालुओं का दिल

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नववर्ष मेला महोत्सव में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के पाठ से पूरा मेला परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने पवन पुत्र श्री हनुमान के चरणों में नमन कर अपनी आस्था व्यक्त की। इसके बाद मेला समिति के पदाधिकारियों द्वारा भगवान शिव, राम दरबार और हनुमान जी की भव्य आरती उतारी गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छाई प्रतिभा, रुचिका पांडे ने जीता दिल

गुरुवार शाम आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत ओपन स्टेज और ओपन माइक का आयोजन किया गया। इस दौरान ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से प्रभावित प्रतिभाशाली गायिका रुचिका पांडे ने ख़याल गायकी में ‘भज गोबिंदा भज गोपाला’ की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
राष्ट्रपति द्वारा ‘बालश्री अवार्ड’ से सम्मानित और दस भाषाओं में गायन कला में दक्ष रुचिका की प्रस्तुति की पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता और मंत्री सारंग ने सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम में अन्य कलाकारों ने भी बॉलीवुड गीतों और भजनों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।
‘एक शाम कलमकारों के नाम’ और कराओके नाइट बने आकर्षण
मेला उत्सव समिति के संयोजक एवं कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश मिश्रा के अनुसार, यह मेला भोपाल वासियों के लिए प्रमुख आकर्षण बनता जा रहा है। शिक्षा, संस्कृति और रोजगार को केंद्र में रखते हुए रोजाना विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
3 अप्रैल (शुक्रवार) को कराओके नाइट में ‘सुर शंकरा म्युजिकल ग्रुप’ की प्रस्तुति होगी, जबकि 4 अप्रैल (शनिवार) को ‘एक शाम कलमकारों के नाम’ कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ पत्रकार और कलमकार अपनी गायकी का हुनर पेश करेंगे। यह कार्यक्रम प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े लोगों के लिए खास आकर्षण रहेगा।
वीकेंड पर फैमिली संग खरीदारी और मनोरंजन का मौका
मेला समिति के सह संयोजक वैभव सिंह सिसोदिया ने बताया कि एक माह तक चलने वाला यह ग्रीष्मकालीन मेला भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आकर्षित कर रहा है। यहां सुव्यवस्थित स्टॉल, विभिन्न झूले और स्वादिष्ट खान-पान की व्यवस्था है।
वीकेंड पर परिवार के साथ खरीदारी और मनोरंजन का विशेष अवसर भी लोगों को लुभा रहा है।
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्थापना बनी आस्था का केंद्र
मेला समिति के महासचिव अजय अग्रवाल ने बताया कि मेला परिसर में सनातन संस्कृति के प्रतीक द्वादश ज्योतिर्लिंग की स्थापना की गई है, जहां प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है।

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