Veer Bal Diwas 2025: दिल्ली सरकार ने साहिबजादों की शहादत को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
त्यागराज स्टेडियम में राष्ट्रीय स्मरणोत्सव, पुराना किला लेजर-लाइट शो से रोशन, वीरता की गाथा हुई जीवंत

👆भाषा ऊपर से चेंज करें
‘वीर बाल दिवस’ के अवसर पर दिल्ली सरकार ने गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की अद्वितीय शहादत, अदम्य साहस और अटूट आस्था को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने त्यागराज स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय स्मरणोत्सव में सहभागिता कर वीर साहिबजादों के बलिदान को राष्ट्र की चेतना का अमर अध्याय बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर बाल दिवस केवल स्मरण का दिवस नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में साहस, राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और नैतिक दृढ़ता के संस्कार रोपित करने का संकल्प है।
विशेष पुस्तिका और डाक लिफाफे का विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां


कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, छात्र और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर साहिबजादों के जीवन और बलिदान पर आधारित विशेष पुस्तिका तथा डाक विभाग के सहयोग से विशेष डाक लिफाफे का विमोचन किया गया।

स्कूली छात्रों द्वारा गतका प्रदर्शन, 270° प्रोजेक्शन शो, विद्यार्थियों द्वारा तैयार रीलों का प्रदर्शन तथा शिलॉन्ग चैंबर क्वायर द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता: साहिबजादों का साहस विश्व इतिहास में अद्वितीय

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत शौर्य और बलिदान की भूमि रहा है। जिस आयु में बच्चे सामान्य जीवन जीते हैं, उस उम्र में साहिबजादों ने अत्याचार के सामने झुकने से इंकार कर धर्म और मूल्यों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक इस महान विरासत को वह स्थान नहीं मिल पाया जिसकी वह अधिकारी थी, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया जाना ऐतिहासिक निर्णय है, जो नई पीढ़ी को सच्चे नायकों से जोड़ता है।
दिल्ली में बड़े स्तर पर मनाया गया वीर बाल दिवस
वीर बाल दिवस 2025 के अवसर पर दिल्ली सरकार द्वारा विद्यालय, महाविद्यालय और राष्ट्रीय स्तर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें ड्रॉइंग, पेंटिंग, निबंध, कविता, कहानी-कथन, वाद-विवाद, खेलकूद, रील-मेकिंग और डिजिटल प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं।
कॉलेज और विश्वविद्यालयों में ज्ञान आधारित गतिविधियाँ, स्लोगन लेखन, रैलियां, समूह चर्चा और फिटनेस कार्यक्रम आयोजित किए गए। चयनित विद्यालयों में छात्रों के साथ पॉडकास्ट के माध्यम से साहिबजादों की प्रेरणादायी गाथाएं साझा की गईं।
पुराना किला लेजर एवं लाइट शो से हुआ रोशन

वीर बाल दिवस के अवसर पर पुराना किला में आयोजित लेजर एवं लाइट शो के माध्यम से साहिबजादों की शौर्यगाथा को लाइट और साउंड के प्रभावशाली संयोजन के साथ जीवंत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की प्रस्तुतियाँ इतिहास को नई पीढ़ी तक प्रभावी और भावनात्मक रूप में पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं।
यह भारत की आत्मा की गाथा है: शिक्षा मंत्री आशीष सूद
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि वीर बाल दिवस भारत की उस चेतना का सार्वजनिक स्वीकार है, जिसे दशकों तक हाशिए पर रखा गया। साहिबजादों की शहादत किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की गाथा है—जो सत्य, साहस और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वीर बाल दिवस की घोषणा भारत को मैकाले मानसिकता से मुक्त करने की वैचारिक घोषणा है, जिसमें इतिहास से शक्ति लेकर आगे बढ़ने का संदेश निहित है।
यह शहादत सदियों तक याद रखी जाएगी: मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह जी की शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकाश स्तंभ है। मात्र सात और नौ वर्ष की आयु में दिया गया उनका बलिदान आज के भारत को नैतिक शक्ति प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार सिख गुरुओं और साहिबजादों की महान विरासत को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

Stay Updated with Dainik India 24×7!
Follow us for real-time updates:




