अटल शताब्दी समापन पर भाजपा का दीपोत्सव
अटल जी की स्मृति में दिल्ली भाजपा कार्यालयों में जले 101 दीपक, वीरेन्द्र सचदेवा, प्रवेश साहिब सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा ने किया दीप प्रज्वलन

👆भाषा ऊपर से चेंज करें
भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई के जन्म शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर दिल्ली भाजपा द्वारा भव्य “दीपोत्सव” का आयोजन किया गया। यह आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित दिल्ली भाजपा प्रदेश मुख्यालय सहित राजधानी के सभी 14 जिला कार्यालयों में एक साथ सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर प्रदेश मुख्यालय एवं जिला कार्यालयों को विद्युत बल्बों से सजाया गया तथा स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्वलन किया गया।
प्रदेश मुख्यालय पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम
दिल्ली भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा,
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह,
एवं मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा
ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर दिल्ली भाजपा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, पार्षद, एनडीएमसी सदस्य, कार्यक्रम संयोजक एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे और सभी ने अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
101वें जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर विशेष आयोजन
स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के 101वें जन्मदिवस (25 दिसंबर) की पूर्व संध्या पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने उनके चित्र के समक्ष 101 दीपक प्रज्वलित किए। इसके साथ ही पूरा प्रदेश मुख्यालय दीपों और रोशनी से आलोकित किया गया।
इसी तर्ज पर सभी जिला कार्यालयों में भी अटल जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर श्रद्धांजलि दी गई, जिसमें सांसदों, विधायकों, पार्षदों और पार्टी पदाधिकारियों ने भाग लिया।
वीरेन्द्र सचदेवा: अटल जी सर्वमान्य नेता थे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा—
“स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी के चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती थी। वह केवल जनसंघ या भाजपा ही नहीं, बल्कि हर राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं में लोकप्रिय थे। उनके भाषण सुनने सभी विचारधाराओं के लोग आते थे।”
उन्होंने कहा कि
1971 के बांग्लादेश युद्ध में अटल जी ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार का समर्थन किया,
वहीं 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने जेल जाना स्वीकार किया।
लखनऊ से जीत कर दिखाई समरसता
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई ने देश के विभिन्न क्षेत्रों से चुनाव लड़ा, लेकिन 1991 से 2004 तक मुस्लिम बहुल लखनऊ से लगातार चुनाव जीतकर यह सिद्ध किया कि वे एक समरस, सर्वमान्य और सर्वस्वीकृत नेता थे।
प्रवेश साहिब सिंह: हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा—
“अटल बिहारी वाजपेई युवा, प्रौढ़ और बुजुर्ग—हर आयु वर्ग के कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत थे और हमेशा रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि सौम्य स्वभाव और आत्मविश्वास के धनी अटल जी ने
पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के सिद्धांतों को अपनाते हुए
राजनीति और सत्ता को समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान का माध्यम बनाया।
मनजिंदर सिंह सिरसा: पहली स्थायी गैर-कांग्रेस सरकार
मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा—
“स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई ने देश को पहली स्थायी गैर-कांग्रेस गठबंधन सरकार दी और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से किसानों और ग्रामीण भारत को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा।”
अटल बिहारी वाजपेई: एक संक्षिप्त परिचय
स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ।
उन्होंने 1951 में जनसंघ से राजनीति की शुरुआत की और बाद में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में शामिल रहे।
वे तीन बार (1996, 1998, 1999) भारत के प्रधानमंत्री रहे।
उनके कार्यकाल में पोखरण-2 परमाणु परीक्षण, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास, आर्थिक सुधार और मजबूत विदेश नीति जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
वे एक संवेदनशील कवि भी थे और उनकी कविताएं आज भी जनमानस में लोकप्रिय हैं।
अटल जी की यादगार पंक्तियाँ
- “भारत एक ऐसा राष्ट्र है, जहाँ सपने देखे जाते हैं और सच होते हैं।”
- “हमारा सपना एक मजबूत और समृद्ध भारत का है।”
- “राजनीति में कभी-कभी विरोधियों से भी हाथ मिलाना पड़ता है।”
भारत रत्न से सम्मान
स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई को वर्ष 2015 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।
उनका निधन 16 अगस्त 2018 को हुआ, लेकिन उनकी विरासत भारतीय राजनीति में सदैव जीवित रहेगी।

Stay Updated with Dainik India 24×7!
Follow us for real-time updates:




