Ramlila 2026: अशोक विहार रामलीला में राम वनवास का मार्मिक मंचन, भाव-विभोर हुए दर्शक
निषाद राज से भगवान श्रीराम की भेंट ने जीता दर्शकों का दिल, आधुनिक तकनीक से सजीव हुए रामायण के प्रसंग

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नई दिल्ली। रामायण में भगवान श्रीराम का वनवास त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और पारिवारिक प्रेम का अनुपम उदाहरण है। अयोध्या के राजा दशरथ द्वारा माता कैकेयी को दिए गए वचनों का पालन करने के लिए भगवान श्रीराम ने राजपाट का त्याग कर 14 वर्ष के वनवास को सहर्ष स्वीकार किया। उनके साथ माता सीता और अनुज लक्ष्मण भी वन की ओर प्रस्थान कर गए। राम वनवास का यह प्रसंग भारतीय संस्कृति में आज्ञापालन, त्याग, धर्म और मर्यादा के आदर्शों का प्रतीक माना जाता है। वनवास के दौरान भगवान श्रीराम की निषाद राज से भेंट भी सामाजिक समरसता, मित्रता और समानता का संदेश देती है।
इसी भावनात्मक और धार्मिक प्रसंग का अशोक विहार रामलीला कमेटी फेज-1 में प्रभावशाली मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के वनवास के दृश्य देखकर रामलीला देखने पहुंचे दर्शक भाव-विभोर हो गए। वहीं, श्रृंगवेरपुर में निषाद राज से भगवान श्रीराम की भेंट के प्रसंग ने दर्शकों के हृदय को छू लिया। मंचन के दौरान रामचरितमानस की चौपाइयों और भारतीय हिंदू संस्कृति की धार्मिक परंपराओं की सुंदर प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
अशोक विहार रामलीला कमेटी फेज-1 के प्रधान ललित गर्ग एवं मुख्य प्रेरक अशोक गुप्ता ने बताया कि रामलीला में धार्मिक प्रसंगों को श्रद्धा, भावनात्मक अभिव्यक्ति और प्रभावशाली मंचन के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है। मंच व्यवस्था अध्यक्ष श्री चंद्र बलवानी ने बताया कि भगवान श्रीराम के वनवास और निषाद राज से भेंट के दृश्यों को इस तरह प्रस्तुत किया गया कि दर्शक कथा के भावों से जुड़ गए।
कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र नागपाल एवं सुरक्षा अध्यक्ष पवन गोयल ने बताया कि इस वर्ष रामलीला में आधुनिक तकनीक, कंप्यूटरीकृत दृश्य प्रभावों और शानदार ध्वनि व्यवस्था का विशेष उपयोग किया जा रहा है। समुद्र के बीच का दृश्य, आंधी-तूफान, फूलों की वाटिका, जंगल, सागर, नदी, नहर तथा पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं के दृश्यों को नई तकनीक की सहायता से जीवंत रूप दिया गया। इन विशेष दृश्य प्रभावों ने रामलीला की भव्यता को बढ़ाया और दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने।
रामलीला में धार्मिक आस्था और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। मंच पर प्रस्तुत किए गए दृश्यों, प्रभावशाली संवादों, रामचरितमानस की चौपाइयों और सजीव ध्वनि प्रभावों ने दर्शकों को रामायण की कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।

इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार तथा विधायक राजकुमार भाटिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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