दिल्ली-NCRराजनीति
कपिल मिश्रा पर बढ़ा दबाव, कोर्ट के आदेश के बाद आप-कांग्रेस हमलावर, इस्तीफे की मांग
बुधवार को AAP के विधायकों ने दिल्ली विधानसभा में विरोध प्रदर्शन किया

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-ओम कुमार
दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री और बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर आज आम आदमी पार्टी के विधायकों ने दिल्ली विधानसभा में विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी ने मांग करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस कपिल मिश्रा को गिरफ़्तार करे।
इस प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री और कालकाजी से विधायक आतिशी, देवली से विधायक प्रेम चौहान, कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार, बुराड़ी से विधायक संजीव झा, करोल बाग से विधायक विशेष रवि, विधायक सही राम पहलवान समेत कई और विधायक शामिल हुए।
इस प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री और कालकाजी से विधायक आतिशी, देवली से विधायक प्रेम चौहान, कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार, बुराड़ी से विधायक संजीव झा, करोल बाग से विधायक विशेष रवि, विधायक सही राम पहलवान समेत कई और विधायक शामिल हुए।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने इस मामले पर कहा कि “भाजपा सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा को पूरे देश ने दंगा भड़काते हुए देखा था। उनका भाषण टीवी कैमरों में क़ैद है। लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें क़ानून मंत्री बनाया है। कपिल मिश्रा को मंत्री रहने का कोई अधिकार नहीं है। आम आदमी पार्टी का विधायक दल इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएगा।”
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस को साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में कथित संलिप्तता को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ आगे की जांच करने के साथ ही एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह मामला यमुना विहार निवासी मोहम्मद इलियास द्वारा अगस्त 2024 में दायर एक याचिका से संबंधित है, जिसमें दयालपुर पुलिस स्टेशन के तत्कालीन स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) कपिल मिश्रा और तीन भाजपा नेताओं मुस्तफाबाद विधायक मोहन सिंह बिष्ट और पूर्व विधायक जगदीश प्रधान और सतपाल सांसद सहित पांच अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई थी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पहली घटना के संबंध में आगे की जांच शुरू की जाए क्योंकि शिकायतकर्ता ने संज्ञेय अपराध का खुलासा किया है। कपिल मिश्रा के खिलाफ हम आगे की जांच का निर्देश दे रहे हैं क्योंकि हमारा प्रथम दृष्टया मानना है कि यह संज्ञेय अपराध है। कपिल मिश्रा को इलाके में देखा गया था। इलियास का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता महमूद प्राचा ने आरोप लगाया कि 23 फरवरी, 2020 को उन्होंने मिश्रा और उनके सहयोगियों को कर्दमपुरी में एक सड़क को अवरुद्ध करते और रेहड़ी-पटरी वालों की गाड़ियों को नष्ट करते देखा।

वहीं कपिल मिश्रा के मामले पर कांग्रेस पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक देवेंद्र यादव ने भी दिल्ली दंगों के आरोप में कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि “2020 के दंगों में कपिल मिश्रा की कथित भूमिका की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। इसके लिए उन्हें अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। राउज एवेन्यू कोर्ट ने ये साफ कर दिया है कि रेखा गुप्ता सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ गंभीर अपराध का मामला बनता है। अगर मिश्रा में थोड़ी सी भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से जांच में सहयोग करें।”
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