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PM मोदी ने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया, कई मंत्रालय होंगे शिफ्ट
शास्त्री भवन समेत पुराने भवनों से मंत्रालयों का कर्तव्य भवन-3 में स्थानांतरण शुरू

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-ओम कुमार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार 6 अगस्त को कर्तव्य पथ पर नवनिर्मित कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया। सबसे पहले उद्घाटन किए गए कर्तव्य भवन-3 में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय होंगे। कुछ मंत्रालय आज से ही इसमें शिफ्ट हो जाएंगे। ये मंत्रालय शास्त्री भवन, कृषि भवन, निर्माण भवन और उद्योग भवन से शिफ्ट होंगे। 1950-70 के दशक में बनीं इन पुराने भवनों की स्थिति जर्जर हो चुकी है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत ऐसे 10 कर्तव्य भवन बनाए जाने हैं।

कर्तव्य भवन-3 दिल्ली के कर्तव्य पथ के पास बनाया गया है। 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली इस इमारत में बेसमेंट के 2 लेवल और ग्राउंड फ्लोर को मिलाकर 10 फ्लोर हैं। इमारत में 600 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इनमें 24 मुख्य कॉन्फ्रेंस रूम हैं। जबकि 26 छोटे कॉन्फ्रेंस रूम हैं। भवन में सुरक्षित और आईटी-सक्षम कार्यस्थल, स्मार्ट एंट्री सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और कमांड सेंटर, सोलर पैनल, सौर वॉटर हीटर और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं हैं। यह पर्यावरण के अनुकूल निर्माण को भी बढ़ावा देता है। जिसमें अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग, ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं।

कर्तव्य भवन-3 की इमारत को ठंडा रखने और बाहरी ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए इसमें कांच की विशेष खिड़कियां लगाई गई हैं। कर्तव्य भवन को 30 प्रतिशत कम ऊर्जा खपत के लिए तैयार किया गया है। ऊर्जा की बचत करने वाली एलईडी लाइटें, जरूरत न होने पर लाइटें बंद करने वाले सेंसर, बिजली बचाने वाली स्मार्ट लिफ्टें लगाई गई हैं।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नवनिर्मित कर्तव्य भवन-3 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि “अगले महीने तक कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 भी बनकर तैयार हो जाएंगे। दोनों का काम लगभग अंतिम चरण में है। प्रस्तावित अन्य 7 भवन भी अप्रैल 2027 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 1 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंत्रालयों के लिए बनाए जा रहे इन भवनों में तकनीक, सुरक्षा व पर्यावरण अनुकूलता का पूरा ख्याल रखा गया है। पूरे भवन की निगरानी के लिए एक कमांड सीसीटीवी सेंटर भी बनाया गया है। जहां से परिसर व अंदर के गलियारों पर पैनी नजर रखी जाएगी। खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के लिए नवनिर्मित इन नए भवनों को पहले कामन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (सीसीएस) का नाम दिया गया था। इन कर्तव्य भवनों को मेट्रो लाइन से जोड़ने के लिए इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से एक नई लाइन बनाने का प्रस्ताव किया गया है।”
सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत, सरकार पहले ही संसद भवन और उपराष्ट्रपति एन्क्लेव का निर्माण कर चुकी है। विजय चौक से इंडिया गेट तक फैले कर्तव्य पथ का भी पुनर्विकास कर चुकी है। इस परियोजना के तहत केंद्रीय सचिवालय के अलावा, सरकार एक कार्यकारी एन्क्लेव का भी निर्माण करेगी जिसमें एक नया प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), कैबिनेट सचिवालय, इंडिया हाउस और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय होगा। दूसरे चरण के तहत, एक नए प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी किया जाएगा।
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