मेरे अलफ़ाज़/कविता
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ज़िंदगी को लतीफा जो समझो…
ज़िंदगी लतीफा हमारी ज़िंदगी में न जाने कितनी मुश्किलें आती-जाती रहती हैं लेकिन हम अगर उन मुश्किलों को हंसी मज़ाक…
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कोरोना काल में इलाज के साथ इस पर भी विचार जरूरी है–ज्ञानेन्द्र रावत
कोरोना निश्चित ही एक महामारी है जिसने समूचे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया है। दुनिया में आबादी के…
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यह आक्सीजन की कीमत समझने का वक्त है–ज्ञानेन्द्र रावत
कोरोना महामारी का संकट दिनों दिन सुरसा के मुंह की तरह बढ़ता जा रहा है। लाखों की तादाद में रोजाना…
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अब कैसे बचें कोरोना से–ज्ञानेन्द्र रावत
कोरोना संक्रमण देश में अब भयावहता की सीमा पार कर चुका है और संक्रमितों का आंकडा़ तेरह लाख को भी…
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जीवन की छोटी-छोटी खुशियां……
जीवन में हम अक्सर खुशियों का इन्तजार करते रहते हैं लेकिन छोटी-छोटी खुशीयाँ हमें कहीं पर भी और कभी भी…
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नव संवत्सर, नव वर्ष, नवरात्रि, रमजान और वैसाखी के पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं…..
इसे संयोग कहें या प्रकृति या परमपिता परमात्मा का अनुपम उपहार कि आज १३ अप्रैल, २०२१ को यानी चैत्र शुक्ल…
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कोरोना संक्रमण भयावह स्तर पर जबकि टीकाकरण बेहाल –ज्ञानेन्द्र रावत
कोरोना संक्रमण देश में अब भयावहता की सीमा पार कर चुका है और संक्रमितों का आंकडा़ तेरह लाख इक्यावन हजार…
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“मन रंग दो मेरा कान्हाजी”
तन रंगने किस देस मैं जाऊं, मन रंग दो मेरा कान्हाजी। जित देखूं तित है महामारी, छिप-छिप बैठी सखियां सारी।…
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होली की शुभकामनायें
होली के पावन पर्व पर वरिष्ठ पत्रकार,चर्चित पर्यावरणविद एवं मेरे पूज्यनीय बडे़ भ्राता श्री ज्ञानेन्द्र रावत जी द्वारा अपने शुभचिंतकों-मित्रों…
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रिश्तों की परिभाषा….
रिश्तों की परिभाषा जब हम ढूंढ़ने निकले, झूम उठी पूरी बस्ती और हम भी झूम के निकले। वहां देखा हमने…
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