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BRICS LITERATURE FORUM 2024: कज़ान में परंपराओं और संस्कृतियों का संवाद
यह सम्मेलन ब्रिक्स देशों के लेखकों, कवियों, दार्शनिकों, कलाकारों और विद्वानों के बीच एकता और सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है

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-भूपिंदर सिंह
रूस के कज़ान शहर में आज ब्रिक्स साहित्य समारोह 2024 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का उद्घाटन कज़ान के मेयर इल्सूर मेटशिन ने किया। समारोह का मुख्य विषय “नई वास्तविकता में विश्व साहित्य: परंपराओं, राष्ट्रीय मूल्यों और संस्कृतियों का संवाद” है। यह सम्मेलन ब्रिक्स देशों के लेखकों, कवियों, दार्शनिकों, कलाकारों और विद्वानों के बीच एकता और सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम 14 सितंबर तक चलेगा।

भारत की ओर से साहित्य अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक और सचिव डॉ. के. श्रीनिवासराव प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। माधव कौशिक ने उद्घाटन सत्र में साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य कैसे दुनिया भर में सामाजिक एकता और सहयोग का माध्यम बनता है।
भारत के लेखकों से मिलें” सत्र में विशेष चर्चा
“वोल्गा से गंगा तक: परंपरा और बहुसंस्कृतिवाद का उत्सव” विषय पर आधारित “भारत के लेखकों से मिलें” सत्र में, संचालक एवगेनी अब्दुल्लाव ने बहुसंस्कृतिवाद पर जोर दिया। इस दौरान, डॉ. के. श्रीनिवासराव ने बताया कि कैसे विश्वभर में नदी आधारित संस्कृतियों ने बहुसंस्कृतिवाद को बढ़ावा दिया और सामाजिक प्रगति में योगदान दिया है। वहीं, श्री माधव कौशिक ने भारत और रूस के पारंपरिक साहित्य में समाहित सांस्कृतिक मूल्यों पर प्रकाश डाला।
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