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Aap: गुजरात में इसुदान गढ़वी मुख्यमंत्री पद का चेहरा

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसुदान गढ़वी के नाम का किया ऐलान 

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गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चहरे बने इसुदान गढ़वी। उनके नाम की घोषणा खुद दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने की। इसुदान गढ़वी पहले पत्रकार थे।
गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के पिपलिया में जन्में इसुदान गढ़वी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जाम खंभालिया में पूरी की। कॉमर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2005 में गुजरात विद्यापीठ से जर्नलिज्म की पढ़ाई की। इसके बाद दूरदर्शन से जुड़ गए और वहां पर एक शो करने लगे। इसके बाद इसुदान गढ़वी ने पोरबंदर की एक स्थानीय चैनल में बतौर रिपोर्टर काम किया। 2015 में इसुदान अहमदाबाद आए और एक प्रमुख गुजराती चैनल (वी-टीवी) के एडीटर बन गए। जब इसुदान इस चैनल के एडीटर बने तो उनकी उम्र महज 32 साल थी। इसुदान ने ‘महामंथन’ नाम से एक शो की शुरुआत की। जिसमें वह एंकर की भूमिका में होते थे। इस शो में इसुदान ने आम लोगों और किसानों की समस्या को प्रमुखता से दिखाया जिससे उन्हें एक अलग पहचान मिली। इसके चलते महामंथन शो बेहद लोकप्रिय हो गया। गुजरात में लोग इस शो के लिए इंतजार करने लगे। इसुदान ने पत्रकार रहते हुए वापी, पोरबंदर, जामनगर, अहमदाबाद और गांधीनगर में काम किया।
पिछले साल जब आम आदमी पार्टी ने गुजरात में संगठन विस्तार की शुरूआत की तो इसुदान गढ़वी पत्रकारिता को छोड़कर राजनीति में आ गए। इसुदान गढ़वी ने जून 2021 की शुरुआत में इस्तीफा दे दिया और कहा कि वे पत्रकारिता छोड़कर जनता के लिए काम करेंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इसुदान गढ़वी को आम आदमी पार्टी में शामिल कराया। आम आदमी पार्टी से जुड़ने के बाद इसुदान ने कहा कि वह सालों से लोगों के सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन एक पत्रकार की लक्ष्मण रेखा होती है। एक पत्रकार के रूप में आप लोगों के मुद्दों को उठा सकते हैं लेकिन संविधान के अनुसार, निर्णय लेने की शक्ति निर्वाचित राजनेताओं के पास है। लोगों के कल्याण की शक्ति नेताओं या अधिकारियों के पास है।
इसुदान गढ़वी महज़ 40 साल के है। वो ओबीसी वर्ग से आते हैं। गुजरात में ओबीसी की हिस्सेदारी करीब 48 प्रतिशत है। गढ़वी समाज की गुजरात के राजकोट, जामनगर, कच्छ, बनासकांठा और जूनागढ़ जिलों में मौजूदगी है। आबादी के लिहाज से गढ़वी समाज की भागीदारी एक फीसदी से कम है। जानकारी के मुताबिक आम आदमी पार्टी इसुदान गढ़वी को खंभालिया विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है. फ़िलहाल इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है और मेघजी कंजारिया यहां से विधायक हैं। अगर इसुदान गढ़वी को पार्टी इस सीट से चुनाव नहीं लडवाती तो उनको राजकोट विधानसभा सीट से उम्मीदवार बना सकती है।
-ओम कुमार
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