लालकिला मैदान की लव कुश रामलीला में राम वनगमन और निषाद राज से भेंट का भावपूर्ण मंचन
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने निभाई निषाद राज की भूमिका, भव्य राम बारात शोभायात्रा ने माहौल को बनाया राममय

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रामायण में भगवान श्रीराम का वनगमन और वनवास के दौरान निषाद राज से उनकी भेंट मित्रता, प्रेम, त्याग और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है। जब माता कैकेयी के वचनों का पालन करते हुए भगवान श्रीराम ने राजमहल के सुखों का त्याग कर वन जाने का निर्णय लिया, तब माता सीता और अनुज लक्ष्मण भी उनके साथ चल पड़े। वनगमन के दौरान भगवान श्रीराम की निषाद राज गुह से भेंट हुई। निषाद राज ने प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा, आत्मीयता और मित्रता का परिचय दिया। रामायण का यह प्रसंग संदेश देता है कि सच्ची मित्रता और प्रेम के सामने सामाजिक भेदभाव का कोई स्थान नहीं होता।
इसी प्रेरणादायक प्रसंग का भावपूर्ण मंचन दिल्ली के लालकिला मैदान में आयोजित देश-विदेश में विख्यात लव कुश रामलीला में किया गया। रामलीला के दौरान राम वनगमन, निषाद राज से भेंट और अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने निषाद राज की भूमिका निभाई। उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा और रामभक्तों ने उनकी प्रस्तुति की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
भव्य राम बारात शोभायात्रा से राममय हुआ लालकिला मैदान

लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि लीला स्थल पर भगवान श्रीराम की भव्य राम बारात शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बैंड की मधुर धुनों के साथ ढोल, नगाड़े, शहनाई, नफेरी, शंख, घड़ियाल और डमरू की गूंज ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते और भक्ति गीतों पर नृत्य करते रामभक्त शोभायात्रा के साथ चल रहे थे। भव्य शोभायात्रा ने लीला स्थल पर उत्सव और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण बना दिया।
राम राज्याभिषेक की घोषणा से राम वनगमन तक का भावपूर्ण मंचन
आज की लीला में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा, मंथरा-कैकेयी संवाद, कैकेयी-दशरथ संवाद, श्रीराम वनगमन तथा निषाद राज से भेंट जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया। राज्याभिषेक की घोषणा से अयोध्या में छाई प्रसन्नता, मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी द्वारा दो वरदान मांगना, राजा दशरथ की विवशता और अंततः भगवान श्रीराम का वन जाने का निर्णय दर्शकों के सामने जीवंत हो उठा।
भगवान श्रीराम द्वारा पिता के वचनों की मर्यादा रखने के लिए राजसिंहासन का त्याग करना और माता सीता तथा लक्ष्मण के साथ वन की ओर प्रस्थान करना दर्शकों के लिए भावुक क्षण रहा। वहीं, निषाद राज के साथ उनकी आत्मीय भेंट ने मित्रता, समर्पण और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया।
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने निभाई निषाद राज की भूमिका

रामलीला का विशेष आकर्षण केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम द्वारा निषाद राज की भूमिका निभाना रहा। उन्होंने अपने अभिनय से इस महत्वपूर्ण प्रसंग को प्रभावशाली बनाया। दर्शकों ने उनके अभिनय की सराहना की। रामायण के इस प्रसंग के माध्यम से भगवान श्रीराम और निषाद राज की मित्रता तथा सामाजिक समरसता का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया।
लीला के अवलोकन के लिए भारत सरकार के विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, आईएएस और आईपीएस अधिकारी, सचिव तथा अवर सचिव भी पहुंचे। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने रामकथा के विभिन्न प्रसंगों का आनंद लिया।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार ने बताया कि रामलीला के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में रामभक्त लीला देखने पहुंच रहे हैं। दर्शकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए कमेटी ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है।
मैदान में दिल्ली पुलिस, सिविल डिफेंस और कमेटी के स्वयंसेवकों के साथ-साथ अब मैदान के चारों ओर बाउंसर भी तैनात किए गए हैं। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ आयोजन स्थल पर भीड़ का सुव्यवस्थित प्रबंधन करना है।
15 अक्टूबर को आएंगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मनोज तिवारी निभाएंगे केवट की भूमिका
कमेटी के महामंत्री सुभाष गोयल ने बताया कि 15 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लव कुश रामलीला के अवलोकन के लिए पहुंचेंगे। इस दिन रामलीला का एक विशेष आकर्षण भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को गंगा पार कराने वाले केवट प्रसंग का मंचन होगा।
इस महत्वपूर्ण प्रसंग में प्रसिद्ध गायक, अभिनेता एवं सांसद मनोज तिवारी केवट की भूमिका निभाएंगे। भगवान श्रीराम और केवट के बीच भक्ति, प्रेम तथा समर्पण से जुड़ा यह प्रसंग दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। लव कुश रामलीला कमेटी को उम्मीद है कि आगामी मंचन में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर रामकथा के दिव्य प्रसंगों का आनंद लेंगे।

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